निलेश,छत्तीसगढ़। के दुर्ग जिले के भिलाई में संचालित इमेजेस डायग्नोस्टिक एंड पैथोलॉजी सेंटर में 16 अक्टूबर की रात तकरीबन 8 बजे 9 महीने की गर्भवती महिला अल्ट्रा साउंड के लिए गई हुई थी। आरोप है कि चेकअप के दौरान डॉक्टर गिरीश वर्मा ने महिला के प्राइवेट पार्ट में हाथ डालकर छेड़खानी किया। इतना ही नहीं डॉक्टर ने अपना गुप्तांग भी महिला को टच कराया. इस मामले में सुपेला पुलिस थाने में देर रात काफी हंगामा के बाद डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज की गई, लेकिन आज तक की तारीख में उस पर कोई भी कार्रवाई न तो पुलिस ने की है ना ही संस्थान द्वारा उस पर कोई कार्रवाई की जानकारी है। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद बताया जा रहा है कि पहले भी आरोपी डॉक्टर पर इस तरह के आरोप लग चुके हैं।
कुछ और ऐसी महिलाएं हैं जो उसका शिकार हुई लेकिन बदनामी के डर से कुछ नहीं कहा. आरोपी डॉक्टर आदतन इस तरह की हरकत करता है. इस पूरे प्रकरण में हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी डॉक्टर को बचाने दुर्ग जिले के कुछ जनप्रतिनिधि, युवा नेता और कुछ कथित बड़े अख़बार, डिजिटल मीडिया के पत्रकार संपादक एकजुट हो गए हैं. कार्रवाई की मांग करने वालों को मैनेज करने की कोशिश की जा रही है।
आरोपी डॉक्टर की पत्नी गंभीर बीमार है, वह एक बड़े नेता का रिश्तेदार है, एक्शन होने से एक बड़े संस्थान की बदनामी होगी जैसे तर्क देकर एक ऐसे डॉक्टर को जो अपने पेशे की आड़ में महिलाओं पर बदनियति और उनकी चारित्रिक अस्मिता से खिलवाड़ करने का आरोपी है.. उसे बचा कर आप लोग समाज में क्या मैसेज देना चाहते हैं. आज कुछ अनजान महिलाओं के साथ यह घटना हुई है.. अगर ऐसे लोगों को सबक नहीं सिखाया गया तो यह कल आपकी पत्नी, घर की बेटी, बहू के साथ भी ऐसी हरकत कर सकते हैं. क्या तब भी आप मैनेज होने के लिए या लोगों को मैनेज करने के लिए तैयार रहेंगे। दुर्ग पुलिस से मेरी गुजारिश है कि इस मामले में कड़े कदम उठाये जाएं।




