छत्तीसगढ़ की अग्रणी महिला संस्था स्वयंसिद्धा के 16वें स्थापना दिवस की तैयारी जोर-शोर से जारी है। 18 अप्रैल शनिवार को शाम 6:00 बजे SNG ऑडिटोरियम सेक्टर 4 में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की भूली बिसरी वीरांगनाओं को समर्पित रहेगा जिन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया और इतिहास में अमर हो गए लेकिन आम जनता उनके नाम से वाकिफ भी नहीं।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. सोनाली चक्रवर्ती ने बताया कि इस वर्ष एक नूतन प्रयोग के तहत कविताओं का मंचन किया जाएगा।

“स्त्री शक्ति है स्त्री की” अभियान के तहत 31 संस्थाओं को स्वयंसिद्धा सम्मान से सम्मानित किया जाएगा जो समाज में नवजागरण एवं जन जागरूकता के उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
‘अब बेटी के नाम से जानी जाएगी मां” अभियान के तहत इस वर्ष देबजानी मजूमदार,राजश्री नायर, संगीता जायसवाल, कुदसिया अली, रूखसाना शेख एवं आंचल चक्रवर्ती अपनी माताजी के नाम से छत्तीसगढ़ की 6 महिला विभूतियों को सम्मानित करेंगी।
उल्लेखनीय है कि स्वयंसिध्दा 20 वर्षों से अधिक से घरेलू महिलाओं की प्रतिभा को मंच एवं सम्मान देने का अनुकरणीय कार्य कर रही है जिसके तहत यह महिलाएं मध्य व्यसी अवसाद एवं तनाव से बाहर निकल जागरूकता दूत बनकर सामाजिक सरोकार के कार्यों में अपना समय व सहयोग दे रही है।इस कार्यक्रम में 51 महिला कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।





