Thursday, April 16, 2026

Bsp के मुद्दों को लेकर मजदूर संघ ने बैठक पर मंथन

भिलाई। आज भिलाई इस्पात मज़दूर संघ कार्यालय में भिलाई इस्पात मज़दूर संघ के महामंत्री चन्ना केशवलू के नेतृत्व में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें भिलाई इस्पात मज़दूर संघ के पदाधिकारियों ने संयंत्र में व्याप्त विभिन्न मुद्दों पर सुझाव एवं चर्चा कर टाउनशिप एवं मेडिकल से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई और इन सभी मुद्दों को भिलाई इस्पात मज़दूर संघ प्रबंधन से तत्काल निराकरण करने का माँग करता है ।
प्रमुख मुद्दे ः-

भिलाई इस्पात मजदूर संघ के महामंत्री चन्ना केशवलू एवं पदाधिकारियों ने भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के निदेशक प्रभारी को पत्र लिखकर कर्मचारियों और टाउनशिप की ज्वलंत समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है। संघ ने स्पष्ट कहा है कि यदि प्रबंधन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश का सीधा असर संयंत्र के उत्पादन पर पड़ सकता है।

​नॉन-फाइनेंशियल स्कीम का विस्तार हो
​संघ ने प्रबंधन द्वारा 11 मार्च 2026 से शुरू की गई ‘नॉन-फाइनेंशियल स्कीम’ का स्वागत तो किया, लेकिन इसकी अवधि (31 मार्च तक) को अत्यंत कम बताया है। महामंत्री ने मांग की है कि पूर्व वर्षों की भांति गर्मी के महीनों में उत्पादन की गति बनाए रखने के लिए इस स्कीम को 30 जून 2026 तक बढ़ाया जाए।
​सेक्टर-9 अस्पताल में मरीजों की अत्यन्त दुर्दशा झेलनी पड़ रही है।
​पत्र में सेक्टर-9 अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर कड़ा प्रहार किया गया है। संघ के अनुसार, अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन लंबे समय से खराब है, जिसके कारण अपॉइंटमेंट लेकर आने वाले कर्मचारी और उनके परिजन प्रतिदिन भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा, भीषण गर्मी को देखते हुए सभी ओपीडी प्रतीक्षालयों में तत्काल कूलर की व्यवस्था करने की मांग की गई है।
​प्रमुख आर्थिक और सुरक्षा संबंधी मांगें:
​महामंत्री चन्ना केशवलू ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रबंधन का ध्यान आकृष्ट किया है:

  • ​इंसेंटिव स्कीम: वर्ष 2007 से लंबित इंसेंटिव स्कीम का तत्काल पुनरीक्षण (Revision) किया जाए ताकि कर्मचारियों को हो रहे आर्थिक नुकसान को रोका जा सके।
  • ​NPS विकल्प: SEBF फंड को NPS में मर्ज करने के मामले में कर्मचारियों को विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान की जाए।
  • ​टाउनशिप व जलापूर्ति: भीषण गर्मी में टाउनशिप वासियों को दो समय पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित हो।
  • ​सड़क सुरक्षा: मुर्गा चौक से ख़ुर्शीपार गेट तक अंधेरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, वहां तत्काल प्रकाश व्यवस्था की जाए। साथ ही बोरिया गेट और इस्पात भवन मार्ग पर भारी वाहनों के अनियंत्रित जमावड़े और अवैध कब्जों पर रोक लगाई जाए।
    ​संघ ने चेतावनी दी है कि संयंत्र में शांति और निरंतर उत्पादन के लिए प्रबंधन को इन मूलभूत मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए।एवं तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए । इन सभी माँगो को प्रबंधन समय पर पूर्ण करें अन्यथा भिलाई इस्पात मज़दूर संघ जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसकी इसके पूर्ण ज़िम्मेदारी प्रबंधन की होगी ।बैठक में प्रमुख रूप से संघ के उपाध्यक्ष डिल्ली राव,सुधीर गडेवाल,मृगेंद्र कुमार,संयुक्त महामंत्री प्रदीप कुमार पाल ,अनिल गजभिये,जोगेंद्र कुमार,कोषाध्यक्ष रवि चौधरी,सचिव राकेश उपाध्याय,पूरन लाल साहू,संतोष सिंह,घनशयाम साहू उपस्थित थे ।

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