भिलाई: भिलाई इस्पात मजदूर संघ (BIMS) के निरंतर प्रयासों और कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए, संयंत्र प्रबंधन जल्द ही नॉन-रिफंडेबल सीपीएफ (CPF) लोन निकालने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने से कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर काटने और जटिल कागजी कार्यवाही से आजादी मिलेगी l
प्रमुख प्रयास और पहल
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के सीपीएफ ट्रस्टी दिल्ली राव एवं आईपी मिश्रा ने इस प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए लंबे समय से प्रबंधन के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव रखे थे। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि प्रबंधन ने अब तकनीकी सुधार करते हुए आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाने का निर्णय लिया है।
ऑनलाइन व्यवस्था में लोन की पात्रता की संदेहो को दूर किया गया है जो कर्मचारी के लिए लाभकारी कदम होगा l
ट्रस्टियों का कहना है कि टेंपरेरी लोन में टॉप अप की व्यवस्था को भी जल्द से जल्द सुलझा लिया जाएगा l
भिलाई इस्पात मजदूर संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य कर्मचारियों ने कर्मचारियों को हो रहे समस्याओं से लगातार ट्रस्टीयों को अवगत कराते रहे हैं l जिनमें प्रमुख रूप से वशिष्ठ वर्मा, हरिशंकर चतुर्वेदी, शारदा गुप्ता, विनोद उपाध्याय, अविनाश वेगी, भानु साहू, रणधीर, संजय साकुरे, अखिलेश उपाध्याय, राकेश उपाध्याय, उषाकर चौधरी l





