रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर पत्रकार सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। युवा क्राइम रिपोर्टर शांतनु रॉय को अज्ञात गुंडे-बदमाशों ने बीच सड़क पर रोककर जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पत्रकार जगत में आक्रोश और चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने रिपोर्टर को धमकाते हुए कहा, “ज्यादा शहर में उड़ मत, वरना तेरा उड़ना तुझे ही भारी पड़ जाएगा,” जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
बताया जा रहा है कि यह पहला मौका नहीं है जब शांतनु रॉय को इस तरह की धमकियों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले साल 2021 में भी उन्हें कोतवाली थाना के अंदर से हत्या के आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा और कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे थे, लेकिन अब ताजा मामले ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बीच सड़क पर हुए इस घटनाक्रम के दौरान दो अज्ञात बदमाशों ने पत्रकार के साथ झूमा-झटकी की और मारपीट करने की कोशिश की। हालांकि, शांतनु रॉय ने साहस दिखाते हुए अपने बचाव में बदमाशों का सामना किया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब रिपोर्टर ने आत्मरक्षा में एक बदमाश को पकड़कर उसे काबू में कर लिया। मौके की नजाकत को देखते हुए दोनों बदमाश किसी तरह वहां से फरार हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई ऐसे संवेदनशील इलाके हैं जहां पत्रकारों की पहुंच और पकड़ पुलिस से भी तेज मानी जाती है। अक्सर जहां पुलिस समय पर नहीं पहुंच पाती, वहां मीडिया कर्मी मौके पर मौजूद रहते हैं। ऐसे में एक क्राइम रिपोर्टर को खुलेआम धमकी मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
घटना के बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया से जुड़े लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शिकायत जल्द ही माना थाना में दर्ज कराई जाएगी। पुलिस प्रशासन से उम्मीद की जा रही है कि वह मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज करेगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करेगा। फिलहाल, घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा और चिंता का माहौल है। पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर फिर से बहस तेज हो गई है। यह देखना अहम होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और प्रभावी कार्रवाई करती है।




