Wednesday, March 4, 2026

पाठ्य-पुस्तकों में संस्कारों व मानवीय मूल्यों का समावेश जीवन विद्या के बगैर अधूरा या कोकड़ी सरकारी स्कूल में चेतना विकास मूल्य शिक्षा के प्रभाव से अवगत हुआ छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभागया

स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जाना चेतना विकास मूल्य शिक्षा का महत्व

चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला में शामिल हुए छत्तीसगढ़ स्कूली शिक्षा के टाप मोस्ट अधिकारी गण
छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों ने जाना जीवन विद्या का महत्व

महासमुंद:-मानवीय शिक्षा शोध संस्थान अभ्युदय संस्थान अछोटी और SCERT के तत्वावधान में डाइट और शिक्षा महाविद्यालय के लेक्चरर और प्रिंसिपल के bb सात दिवसीय चेतना विकास मूल्य शिक्षा कार्यशाला का समापन हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए कोकड़ी सरकारी स्कूल के शिक्षक गेंदलाल कोकडिया ने जीवन विद्याव चेतना विकास मूल्य शिक्षा से उनमें आये बदलावों को छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के प्रदेश के सभी अधिकारियों को अवगत कराये,साथ ही चेतना विकास मूल्य शिक्षा को पढ़ाने का तौर-तरीका बताये, कोकडिया ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति और निपुण भारत मिशन तथा एफ एल एन की सार्थकता और सफलता के चेतना विकास मूल्य शिक्षा का इनके साथ समायोजन को अनिवार्य बताया है, क्योंकि लक्ष्य अच्छा बना लेने से ही मंजिल नहीं मिल पाता,जब तक उसे क्रियान्वित करने का तरीका हमें पता न हो, शिक्षा के महत्व को समझना और जानना सबसे पहली अनिवार्यता है, सभी बच्चों और शिक्षकों का,जो सिर्फ जीवन विद्या अध्ययन से ही संभव हैसमापन पर स्व मूल्यांकन के दौरान अधिकांश प्रतिभागियों ने मध्यस्थ दर्शन के प्रकाश में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को स्कूली शिक्षा के लिए अनिवार्य बताया।

डाइट महासमुंद की प्रतिनिधि सुमन दीवान ने कोकडिया को जीवन विद्या और चेतना विकास मूल्य शिक्षा का पर्याय बताती हुयीं, स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ के सारे अधिकारियों को कोकड़ी सरकारी स्कूल का शैक्षिक भ्रमण करने महासमुंद आमंत्रित की,साथ ही सभा को आश्वस्त की डाइट महासमुंद चेतना विकास मूल्य शिक्षा शिविर आयोजित कर भावी शिक्षकों, अभिभावकों, राजनेताओं व जनप्रतिनिधियों समेत विद्यार्थियों व शिक्षकों को अवगत करायेगा,साथ दिवसीय का प्रबोधन अंतरराष्ट्रीय मानव वैज्ञानिक डाक्टर संकेत ठाकुर, मानवीय शिक्षा शोध केंद्र अछोटी ने करते हुए बताया कि सुखी समृद्ध व्यक्ति, परिवार, गांव,समाज,देश, विश्व का निर्माण केवल और केवल भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित मध्यस्थ दर्शन चेतना विकास मूल्य शिक्षा से ही संभव है, इसे कोकड़ी सरकारी स्कूल के तर्ज पर सभी सरकारी स्कूलों में अनिवार्य रूप से लागू किया जाये,व क्रियान्वित करने के तरीके के लिए कोकड़ी सरकारी स्कूल का शैक्षिक भ्रमण कराया जाये व उसे अलग -अलग छत्तीसगढ़ कू अलग-अलग जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थानों व शिक्षा महाविद्यालयों में आमंत्रित कर जीवन विद्या के प्रभावों को बताया जाये, जिससे छत्तीसगढ़ में मानवीय मूल्यों की शिक्षा फलित होगी, छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने चेतना विकास मूल्य शिक्षा और जीवन विद्या शिविर को स्कूली शिक्षा का अनिवार्य अंग बनाने व पाठ्य विषय वस्तु में शामिल करने का मांग किया है,

समापन पर स्व मूल्यांकन के दौरान अधिकांश प्रतिभागियों ने मध्यस्थ दर्शन के प्रकाश में चेतना विकास मूल्य शिक्षा को स्कूली शिक्षा के लिए अनिवार्य बताया।

समापन के अवसर पर मध्यस्थ दर्शन के वरिष्ठ अध्येता सोम त्यागी जी, मंजीत सिंह सहित SCERT की डॉ सीमा श्रीवास्तव, के के साहू , गौरीकांता साहू, पूर्व प्रोफेसर डॉ बघेल आदि उपस्थित थे, मानव इंजीनियर चंद्रशेखर राठौर, डाली मंजित सिंह, श्रीमती शुभ्रा ठाकुर आकाशवाणी व दूरदर्शन केन्द्र रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के अनेक शिक्षा विद उपस्थित रहे

7 दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने अभिभावक विद्यालय अछोटी का भ्रमण मूल्य शिक्षा के व्यवहारिक स्वरूप को जाना।

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