- गीता छात्रों में नैतिक मूल्यों का संचार करती है
- डेढ़ सौ बच्चों ने दी परीक्षा 18 बच्चों का चयन
दुर्ग। केंद्रीय विद्यालय दुर्ग के 18 विद्यार्थी “गीता क्विज़ 2025” के द्वितीय चरण हेतु चयनित गीता प्रचार अभियान के अंतर्गत पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में के शिक्षण, नैतिक मूल्यों के विकास तथा भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करना रहा।
इस अवसर पर “गीता क्विज़ 2025” का आयोजन (अंतरराष्ट्रीय श्रीकृष्ण भावनामृत संघ) इस्कॉन द्वारा किया गया, जिसकी स्थापना श्री श्रीमद् अभय चरणारविन्द भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी ने की थी। इस आयोजन में जिले के विभिन्न प्रमुख विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
केंद्रीय विद्यालय दुर्ग के विद्यार्थियों का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा। विद्यालय के 18 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों आरव, नुराज, अभ्युदय, ओम, मोक्षित, हिमांशु, खुशी, देविका, मयंक, शौर्य, दिव्यांश, अक्षत, सान्या, अर्णभ, आराध्य, काव्यांश एवं आस्तिक का चयन प्रतियोगिता के द्वितीय चरण हेतु किया गया है।

प्रतियोगिता का द्वितीय चरण ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाएगा, जिसके मई के प्रथम सप्ताह में संपन्न होने की संभावना है। इस उपलब्धि से विद्यालय परिवार एवं अभिभावकों में हर्ष का वातावरण है।
इस अवसर पर डॉ. अजय आर्य ने अपने वक्तव्य में कहा कि “गीता का अध्ययन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करने वाला है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

अभिषेक जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “गीता के सिद्धांतों को बाल्यावस्था से ही जीवन में अपनाने से विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच एवं सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में नैतिक मूल्यों के प्रसार के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।”
प्रभारी प्राचार्य नीता दास ने सभी चयनित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में गीता के सिद्धांतों के प्रति रुचि उत्पन्न करने के साथ-साथ उनके नैतिक, आध्यात्मिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।




