बिहार चुनाव के परिणाम भले आ चुके हों, लेकिन राजनीतिक तापमान अब और तेज़ होता दिख रहा है। राष्ट्रीय जनता दल ने अपनी करारी हार के बाद चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया पर खुलकर हमला बोलते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। सूत्रों के अनुसार, RJD के सभी जीते हुए विधायक सामूहिक इस्तीफे की तैयारी में हैं।
यह कदम पार्टी के अंदरूनी मतभेद का नहीं, बल्कि
“चुनाव आयोग की कथित अनियमितताओं के खिलाफ संगठित प्रतिरोध” का संकेत है।
SIR प्रक्रिया पर आरजेडी का सबसे बड़ा सवाल
RJD नेताओं का दावा है कि इस बार Special Intensive Revision (SIR) के नाम पर—
हजारों असली मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए,
कई सीटों पर मतदान प्रतिशत संदिग्ध पैटर्न में बदलता रहा,
कई बूथों पर मतदान में बाधा या धीमी गति देखी गई,
हजारों समर्थकों ने बताया कि उनका नाम मतदाता सूची में मिला ही नहीं।
RJD का आरोप है कि इन गड़बड़ियों ने सीधे-सीधे चुनावी नतीजों को प्रभावित किया है।
सड़क से लेकर सदन तक टकराव की तैयारी
पार्टी अब अगले 24 घंटे बेहद अहम मान रही है।
सूत्रों का कहना है कि—
RJD विधायक दल की आपात बैठक बुला रही है,
सभी जीते विधायक सामूहिक इस्तीफे पर दस्तखत करने को तैयार हैं,
चुनाव आयोग के खिलाफ राज्यव्यापी धरना-प्रदर्शन की घोषणा होने वाली है,
पूरी प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग उठाई जाएगी।
RJD का साफ संदेश—
“यह लड़ाई सत्ता की नहीं, मताधिकार की है।”
तेजस्वी यादव की कड़ी प्रतिक्रिया
तेजस्वी यादव ने नेताओं के साथ लगातार संवाद करते हुए कहा है—
“जब मतदाता सूची से ही हमारी जनता के नाम गायब कर दिए जाएँ,
तो इसे चुनाव नहीं, अधिकार छीनने की प्रक्रिया कहा जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी अब संघर्ष मोड में है और यह आंदोलन पूरे बिहार में जोर पकड़ने वाला है।
बिहार की राजनीति में उठता नया तूफ़ान
RJD के इस बड़े फैसले के बाद बिहार की सियासत में नया मोड़ आ गया है।
चुनावी नतीजों की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब विपक्ष की यह आक्रामक रणनीति
पूरे राज्य में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल ला सकती है।
आने वाले घंटे निर्णायक—बिहार की राजनीति नए दौर में प्रवेश कर चुकी है।




