दुर्ग। दुर्ग में छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में अपने नृत्य से मंत्रमुग्ध कर देने वाला नृत्य प्रस्तुत किया जिसमें शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा शहर के वरिष्ठ गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। नृत्य को खूब सराहा गया एवं नन्ही नृत्यांगना ने ऐसा समा बांधा कि हर कोई तालियों के साथ स्वागत किया।
आद्या पाण्डेय के नृत्य जो तीन देवी माता के संक्षिप्त विवरण को दर्शाता है से हुआ। देवी कौथुवम् -भरतनाट्यम की एक पारंपरिक रचना, जो माँ शक्ति को समर्पित है को प्रस्तुत किया, जिसमें देवी के सौम्य और शक्तिशाली दोनों रूपों का सुंदर संगम देखने को मिलता है। यह कौथुवम् माता दुर्गा, सरस्वती और माता लक्ष्मी पर निर्धारित हैं। बहुत ही सुंदर प्रस्तुति।
इस अवसर पर बहुत माननीय मंत्रीजी गजेंद्र यादव ( शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ), माननीय रामगोपाल
गर्ग (आईजी), माननीय विजय अग्रवाल जी (एसएसपी-दुर्ग), माननीय अभिजीत सिंह जी (कलेक्टर) दुर्ग विशेष रूप से नृत्य को सराहा और भविष्य में और आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी।

बताते चलें कि वर्ष २०२५ में ही उन्होंने नागपुर, मुंबई, रायपुर, रायगढ़ आदि जगहों पर अपनी प्रस्तुति दे चुकी हैं जो राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा है। “चक्रधर समारोह – २०२५” जैसे मंच पर भी अपनी कला को प्रस्तुत कर चुकी हैं।
२६ राष्ट्रीय स्तर एवं १ अंतराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार से सम्मानित १६ वर्षीय आद्या पांडे डी.पी.एस रिसाली भिलाई की कक्षा ११ वीं की छात्रा हैं, उन्होंने इसी वर्ष सीबीएसई बोर्ड मे ९३% से उत्तीर्ण हुई हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ( छत्तीसगढ़ सरकार) द्वारा चयनित एवं छत्तीसगढ़ के माननिय मुख्यमंत्री आदरणीय विष्णु देव साय जी द्वारा सम्मानित हुई हैं। अपने स्कूल का भी कई बार प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
आद्या पांडे “नृत्य मंजरी, नृत्य प्रतिभा, नृत्य श्रेष्ठ एवं नृत्य गौरव समान” जैसे अलंकरण से अलंकित हुई हैं. उन्होंने ४ साल की उम्र से भरतनाट्यम की शिक्षा अपने गुरु नृत्य चूडामानी से अलंकृत डॉ. जी. रतीश बाबू से प्राप्त की। इनकी संस्था का नाम नृत्यति कलाछेत्रम है। इनके पिता दिनेश पांडे भिलाई इस्पात संयंत्र के म.मिल (विद्युत) मे कार्यरत हैं तथा माता सोनिया पांडेय गृहणी हैं।





