Sunday, April 19, 2026

बिजली बिल हाफ योजना समाप्त करना जनविरोधी निर्णय – कांग्रेस

जिला कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता जावेद खान के हवाले से यह जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 400 यूनिट तक की बिजली बिल हाफ योजना को समाप्त करना राज्य के लाखों उपभोक्ताओं के लिए एक अत्यंत पीड़ादायक एवं जनविरोधी निर्णय है। यह योजना आम नागरिकों, मध्यम वर्ग, छोटे व्यवसायियों एवं किसानों को सीधी राहत देने के लिए बनाई गई थी, जिससे उन्हें महँगाई के इस दौर में थोड़ी राहत मिलती थी। ख़ासकर करोना काल मे लाक डाऊन के समय इस योजना से छग के ग़रीब एंव मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को बहुत राहत मिली थी।

जावेद खान ने यह भी बताया है कि राज्य सरकार के इस कदम से अब उपभोक्ताओं को उनके खपत के अनुसार पूरा बिजली बिल देना होगा, जिससे उन पर आर्थिक बोझ में अप्रत्याशित वृद्धि होगी। यह निर्णय खासकर उनपरिवारों पर भारी पड़ेगा जो सीमित आय में गुजारा करते हैं और जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट के भीतर रहती थी।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इस योजना के माध्यम से जनहित को प्राथमिकता दी थी और लोगों को महँगाई से राहत दिलाने का प्रयास किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे एक झटके में बंद कर दिया, जो यह दर्शाता है कि उनकी प्राथमिकताओं में आम जनता नहीं है।

हम इस निर्णय का विरोध करते हैं और मांग करते हैं कि राज्य सरकार इस जनहितकारी योजना को पुनः चालू करे, जिससे जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार ने जल्द इसका पुनर्विचार नहीं किया, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और इस जनविरोधी नीति का पुरज़ोर विरोध करेगी, सरकार का आदेश है कि जो उपभोक्ता सौ युनिट के अंदर खपत करेगा उसे ही पचास युनिट की छुट रहेगी,सौ युनिट से ज्यादा जलाने वाले उपभोक्ता को छुट नही मिलेगी पहले हर माह जितना भी जलाओ चार सौ युनिट का आधा मिल ही जाता था इस तरह से तो बिजली उपभोक्ताओं के साथ मज़ाक कर रही है

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