Monday, April 20, 2026

शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस में AICTE-ATAL प्रायोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग FDP का भव्य शुभारंभ

भिलाई। शंकराचार्य टेक्निकल कैंपस (SSTC), भिलाई में “इमर्जिंग करियर इन AI और ML : नेक्स्ट जेनरेशन इंजीनियरिंग एप्लीकेशन” विषय पर आधारित एक साप्ताहिक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया है | यह FDP 4 नवंबर को शुरू हुआ है और 9 नवंबर, 2025 तक चलेगा । जिसमें 200 से ज्यादा लोगों ने अपनी भागीदारी दी है।

इस ऑनलाइन FDP का प्राथमिक उद्देश्य शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) के उभरते रुझानों से परिचित कराना है, जिसमें वास्तविक समय के इंजीनियरिंग अनुप्रयोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम में डीप लर्निंग, कंप्यूटर विजन, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), और जेनरेटिव AI जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का गहन ज्ञान प्रदान किया जा रहा है।

इस कार्यक्रम में देश और विदेश से ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ, जिनमें IIT-कोट्टायम, NIT-राउरकेला, महाराष्ट्र और न्यूयॉर्क जैसे विभिन्न स्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं, उपरोक्त विषय पर अपना ज्ञान साझा कर रहे हैं।

संस्था के चेयरमेन एवं प्रोग्राम के मुख्य संरक्षक आई.पी. मिश्रा, सर ने सभी को बधाई दी और कार्यक्रम के उपयोगी सिद्ध होने की आशा व्यक्त की है। कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. जया मिश्रा मैडम (प्रेसिडेंट, एस.जी.ई.एस.) एवं रूद्रांश मिश्रा (सी.ई.ओ, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लानिंग एवं डेवलपमेंट, एस.एस.टी.सी.) ने भी शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

प्रोग्राम के सलाहकार डॉ. पी. बी. देशमुख, डायरेक्टर, एस.एस.टी.सी, भिलाई ने भी शिक्षकों को स्वागत भाषण दिए हैं। तथा ये भी कहा कि, कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों को अपने शिक्षण और शोधकार्य में सुधार करने में मदद मिलने की संभावना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग कई नई संभावनाएं खोल रहे हैं। मशीन लर्निंग, आधारित चैट बोर्ड सवालों का जवाब देने और समस्याओं का समाधान करने में मदद कर रहे हैं।

प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर डॉ. शिम्पी रल्हान (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार इंजीनियरिंग)। एवं सह-कोऑर्डिनेटर डॉ. अजय कुमार वर्मा (प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, मैकेनिकल इंजीनियरिंग)। इस FDP से शिक्षकों को अपने शिक्षण और शोधकार्य में AI/ML को समाहित करने और वास्तविक-विश्व परिदृश्यों में व्यावहारिक कार्यान्वयन की क्षमता को बढ़ाने में सहायता मिलेगी, इस अनुमान के साथ शुभकामनाएं प्रेषित की है |

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