Wednesday, March 4, 2026

मेरी भाषा हिंदी है, भारत की भाषा हिंदी है

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में हिंदी पखवाड़ा समापन समारोह सम्पन्न

दुर्ग। पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में हिंदी पखवाड़ा का समापन समारोह बड़े ही गरिमामय और साहित्यिक वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन पुरुषोत्तम साहू ने कुशलतापूर्वक किया। समारोह की शुरुआत छात्र-छात्राओं द्वारा संत रहीम के प्रसिद्ध दोहों की सामूहिक प्रस्तुति से हुई। सुर और लय से सजे इन दोहों ने श्रोताओं को भक्ति, नैतिकता और भाषा के संस्कार से सराबोर कर दिया।

इस अवसर पर टकेश्वर साहू ने हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर और राष्ट्रीय एकता की जीवनरेखा है। उन्होंने हिंदी दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को याद किया और भारतेंदु हरिश्चंद्र के अमर कथन “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल” का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों से हिंदी के प्रयोग और संवर्धन की प्रेरणा ली।

कार्यक्रम में डॉ. अजय आर्य ने अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि हिंदी अनेकता में एकता के सूत्र को आत्मसात करती है। उनकी काव्य पंक्तियाँ—

“मेरी भाषा हिंदी है, भारत की भाषा हिंदी है,
भाषाएं अलंकरण हैं, सुंदर बिंदी हिंदी है।” ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

विद्यालय के प्राचार्य उमाशंकर मिश्र ने अपने संबोधन में हिंदी की व्यावहारिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं के संवर्धन पर विशेष बल देती है, और हिंदी पूरे भारत को कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक सूत्र में बाँधने का कार्य करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल हिंदी बोलने बल्कि हिंदी में लिखने और सोचने के लिए भी प्रेरित किया। प्राचार्य ने कहा कि अच्छी हिंदी बोलने और लिखने के लिए हिंदी के साहित्यकारों को पढ़ना आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की राजभाषा अधिकारी नीता दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों, अतिथियों तथा आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि 15 दिनों तक चलने वाले हिंदी पखवाड़े में प्राथमिक विभाग से लेकर उच्च माध्यमिक विभाग तक के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवधि में काव्य पाठ, पुस्तक प्रदर्शन, हिंदी सुलेख लेखन प्रतियोगिता सहित अनेक गतिविधियाँ आयोजित की गईं। पुस्तकालय प्रदर्शनी के सफल आयोजन में संजू कुमारी का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

हिंदी विभाग की ओर से नीता दास, टकेश्वर साहू, सतीश धीवर, डॉ. अजय आर्य, सुभाष पांडे, डॉ. राखी श्रीवास्तव और संजू कुमारी ने कार्यक्रम के आयोजन में अहम भूमिका निभाई।

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