Saturday, May 30, 2026

भिलाई नगर निगम में 79 लाख का सड़क घोटाला: सबूत मिटाने रातों-रात उखाड़ी सड़क

AAP नेता जसप्रीत सिंह ने जनदर्शन में की शिकायत, कलेक्टर से स्वतंत्र जांच और FIR की मांग

दुर्ग/भिलाई: भिलाई नगर निगम के वार्ड क्रमांक 22 कुरूद क्षेत्र में करीब 79 लाख रुपये की लागत से बनी डामर सड़क में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। आम आदमी पार्टी के जिला कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने मंगलवार को दुर्ग जनदर्शन में कलेक्टर को शिकायत सौंपकर स्वतंत्र उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है।

1% से भी कम डामर, पैर से रगड़ने पर उखड़ रही थी गिट्टी
शिकायत के अनुसार वार्ड 22 में शीतला तालाब दक्षिण मार्ग पर 78 से 79 लाख रुपये की लागत से डामर रोड बनाई गई थी। PWD नियमों के तहत इसमें न्यूनतम 3.4 प्रतिशत डामर अनिवार्य था, लेकिन आरोप है कि 1 प्रतिशत से भी कम डामर का उपयोग हुआ। सड़क की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि पैर से रगड़ने पर गिट्टी बाहर निकल रही थी।

भू-माफियाओं को फायदा पहुंचाने का आरोप
शिकायत पत्र में कहा गया है कि जिस क्षेत्र में सड़क बनाई गई वहां वर्तमान में कोई वैध बसाहट नहीं है। संबंधित खसरा नंबरों पर भवन अनुज्ञा विभाग द्वारा पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद भू-माफियाओं की अवैध प्लॉटिंग को फायदा पहुंचाने के लिए निगम अधिकारियों के संरक्षण में सड़क पास की गई।

रातों-रात उखाड़ी सड़क, सबूत मिटाने का आरोप
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद ठेकेदार ने नगर निगम के सक्षम अधिकारियों को बिना सूचना या लिखित अनुमति के रातों-रात पूरी सड़क को मशीनों से उखाड़कर नष्ट कर दिया। शिकायत में इसे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जांच प्रभावित करने का संगीन अपराध बताया गया है।

नगर निगम के बजाय जिला प्रशासन से जांच की मांग
AAP नेता जसप्रीत सिंह ने कहा कि इस भ्रष्टाचार में विभाग के बड़े अधिकारी और इंजीनियर शामिल हैं, इसलिए नगर निगम प्रशासन से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कलेक्टर के सीधे नियंत्रण में PWD के तकनीकी विशेषज्ञों की स्वतंत्र जांच टीम गठित करने की मांग की।

जनदर्शन में रखी ये प्रमुख मांगें

  1. नगर निगम को जांच से दूर रखकर जिला कलेक्टर के अधीन स्वतंत्र जांच दल गठित किया जाए।
  2. ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए और फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
  3. दोषी कार्यपालन अभियंताओं, सहायक अभियंताओं और उप अभियंताओं को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू की जाए।
  4. प्रतिबंधित जमीनों पर अवैध प्लॉटिंग करने वाले भू-माफियाओं पर कार्रवाई की जाए।

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि स्वतंत्र उच्च-स्तरीय जांच का आदेश जारी नहीं हुआ तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

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