Wednesday, March 4, 2026

छत्तीसगढ़–गोवा व्यापारिक रिश्तों को नई उड़ान

छत्तीसगढ़ चेंबर और गोवा चेंबर के बीच ऐतिहासिक MoU, निवेश और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ और गोवा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (CCCI) और गोवा चेंबर ऑफ कॉमर्स (GCCI) के बीच बुधवार को ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों राज्यों के उद्योग, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

इस एमओयू पर छत्तीसगढ़ चेंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी तथा गोवा चेंबर के प्रतिनिधियों द्वारा विधिवत हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों ने इसे व्यापारिक सहयोग की नई शुरुआत करार दिया।

क्या है समझौते का उद्देश्य

इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ और गोवा के बीच व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करना, आपसी निवेश को प्रोत्साहित करना और दोनों राज्यों के व्यापारियों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे वे एक-दूसरे के राज्यों में व्यवसाय, उद्योग और निवेश कर सकें।

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

समझौते के तहत दोनों चेंबर अपने-अपने राज्यों के उद्यमियों को व्यापारिक जानकारी, नेटवर्किंग, तकनीकी सहयोग और निवेश के अवसर उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। इससे छत्तीसगढ़ में नए निवेश आने की संभावनाएं बढ़ेंगी, वहीं गोवा के व्यापारियों को भी छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और व्यावसायिक परिवेश से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम

व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार यह साझेदारी उद्योग, व्यापार, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देगी। दोनों राज्यों के बीच आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

छत्तीसगढ़ चेंबर के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि यह एमओयू केवल एक औपचारिक समझौता नहीं, बल्कि दो राज्यों के आर्थिक विकास की मजबूत नींव है। वहीं गोवा चेंबर के प्रतिनिधियों ने इसे दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ वाला सहयोग बताया।

भविष्य की दिशा

यह एमओयू छत्तीसगढ़ और गोवा के बीच व्यापारिक सेतु का काम करेगा और आने वाले समय में दोनों राज्यों को औद्योगिक और व्यावसायिक विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगा।

ताज़ा ख़बरें

खबरें और भी हैं...

अतिरिक्त ख़बरें