Sunday, June 7, 2026

पीएम आवास निर्माण में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई: खैरागढ़ एसडीएम कोर्ट में 35 हितग्राहियों की पेशी

एक आवास निरस्त कर राशि वसूली के निर्देश, 00अनुपस्थित रहने पर पुलिस भेजकर बुलाने की चेतावनी,

खैरागढ़ : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य समय पर प्रारंभ या पूर्ण न करने वाले डिफाल्टर हितग्राहियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।। जनपद पंचायत खैरागढ़ के अंतर्गत वर्ष 2016 से 2025 तक स्वीकृत आवासों में से वर्तमान में कुल 1008 आवास ऐसे पाए गए हैं, जिनका निर्माण कार्य या तो अप्रारंभ है या अब तक अपूर्ण है।। इस गंभीर लापरवाही को शासन के निर्देशों के विपरीत और योजना के क्रियान्वयन में बड़ी बाधा मानते हुए,न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) / एसडीएम कोर्ट खैरागढ़ द्वारा क्लस्टर (3-4 ग्राम पंचायतों) के अनुसार हितग्राहियों को समन जारी कर सीधे कोर्ट में तलब किया जा रहा है।।

इसी कड़ी में बुधवार 03 जून 2026 को तीन प्रमुख ग्राम पंचायतो , जिसमें देवरी, महरूमकला एवं कुकुरमुडा के कुल 35 अप्रारंभ व अपूर्ण आवास वाले हितग्राहियों को न्यायालयीन समन की विधिवत तामीली कराते हुए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू के समक्ष पेश किया गया।। जहां सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए एसडीएम कोर्ट ने सभी हितग्राहियों को आगामी 15 दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से आवास निर्माण कार्य पूर्ण करने का अंतिम व सख्त निर्देश दिया है।। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी है, कि आगामी पेशी में जो भी हितग्राही अनुपस्थित रहेगा, उसे पुलिस भेजकर न्यायालय में जबरन उपस्थित कराया जाएगा।।

लापरवाही पर आवास निरस्त, राशि वापसी का आदेश
बुधवार की न्यायिक सुनवाई के दौरान ग्राम पंचायत कुकुरमुड़ा के ग्राम कुकुरमुड़ा निवासी हितग्राही सुशील कुमार साहू (पिता मायाराम साहू) द्वारा प्रथम किस्त की राशि प्राप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर उनके स्वीकृत आवास को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।। इसके साथ ही एसडीएम न्यायालय द्वारा उन्हें निर्देशित किया गया है,कि शासन से प्राप्त शासकीय राशि को आगामी 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से वापस जमा करें,अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी व शासकीय वसूली की कार्रवाई की जाएगी।।
न्यायालय में उपस्थित अन्य शेष डिफाल्टर हितग्राहियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए न्यायालय के समक्ष लिखित प्रतिज्ञा पत्र, सहमति एवं घोषणा पत्र प्रस्तुत किया।।

हितग्राहियों ने शासन को आश्वस्त किया है
कि वे अविलंब अपने आवास का निर्माण कार्य प्रारंभ कर उसे शीघ्रता से पूर्ण कर लेंगे।।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) टंकेश्वर प्रसाद साहू ने मामले की समीक्षा करते हुए, अधिकारियों व हितग्राहियों को सख्त हिदायत दी है,कि शासन की राशि बैंक खाते में प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर हर हाल में आवास निर्माण कार्य प्रारंभ करना अनिवार्य है तथा अधिकतम 6 माह की अवधि के भीतर आवास पूर्ण हो जाना चाहिए।।

जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारियों को निर्देशित
इसके साथ ही लगातार लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों को कम से कम 3 नोटिस जारी किए जाएं।। यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता है, तो उनका आवास निरस्त कर राशि वसूली के लिए प्रकरण सीधे अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय को प्रेषित किया जाए ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके।।

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