खैरागढ़: नगर में अंग्रेजी माध्यम स्कूल के रूप में एक कडी और जुड़ गई है।। राज फैमिली स्थित तन्मय गिड़िया सरस्वती शिशु मंदिर अंग्रेजी माध्यम स्कूल का भव्य शुभारंभ एवं सरस्वती शिशु/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के वार्षिक परीक्षा परिणामों की घोषणा का भव्य कार्यक्रम उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया।। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजकुमारी इंदिरा सिंह कला एवं संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा उपस्थित रहीं, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएसपी रमेश कुमार चंद्रा ने की।। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व व्यवस्थापक प्रेमचंद गिड़िया, प्रतिष्ठाचार्य एवं समाजसेवी हुकुमचंद मुणोत, सुशीला गौतम चंद मुणोत तथा सिविल इंजीनियर विनोद पांडे मौजूद रहे।।इसके अलावा प्रेम स्मृति शिक्षा समिति के व्यवस्थापक भंवरलाल खत्री, कोषाध्यक्ष महावीर जैन, अध्यक्ष मनोज गिड़िया, प्रेम कुमार सरस्वती शिशु मंदिर की प्रधानाचार्य राजलक्ष्मी सिंह, सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर के प्राचार्य जितेंद्र शर्मा तथा तन्मय गिड़िया सरस्वती शिशु अंग्रेजी माध्यम स्कूल की प्राचार्य प्रियंका गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षकगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।।
कुलपति प्रो डॉ लवली शर्मा ने सरस्वती शिशु मंदिर अंग्रेजी माध्यम का फिता काटकर उद्घाटन किया
कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों द्वारा नवनिर्मित तन्मय गिड़िया सरस्वती शिशु मंदिर अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लोकार्पण के साथ हुई।। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने सभी कक्षाओं का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया।। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का भावपूर्ण स्वागत किया।। जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग में रंग गया।।

सरस्वती शिशु मंदिर केवल शिक्षा केंद्र नहीं,बल्की संस्कारो की पाठशाला है
प्रेम स्मृति शिक्षा समिति के अध्यक्ष मनोज गिड़िया ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों की पाठशाला है।। उन्होंने बताया कि अब तक यह विद्यालय हिंदी माध्यम में संचालित होता रहा है, लेकिन क्षेत्र के अभिभावकों एवं नागरिकों की लगातार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अंग्रेजी माध्यम की शुरुआत का निर्णय लिया गया।। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मातृभाषा हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा का ज्ञान भी हो गया है, और इसी संतुलन को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।!
सरस्वती शिशु मंदिर अंग्रेजी माध्यम के लिए समाजसेवियों एवं विधालय से जुड़े पदाधिकारियों ने संस्था के विस्तार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए दान देने की घोषणा की
कार्यक्रम के दौरान कई समाजसेवियों एवं विद्यालय से जुड़े पदाधिकारियों ने अंग्रेजी माध्यम स्कूल के विस्तार के लिए अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु उदारतापूर्वक दान राशि देने की घोषणा भी की जिससे विद्यालय के भविष्य के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई गई।।
सरस्वती शिशु मंदिर देशभर में संस्कार आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है: प्रो (डॉ) लवली शर्मा कुलपति
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. लवली शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर देशभर में संस्कार आधारित शिक्षा के लिए जाना जाता है।।उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही एक सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है और यहां के बच्चों को देखकर उन्हें अपना बचपन याद आ गया।। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में ऐसे शिक्षण संस्थानों की आवश्यकता है, जहां शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन का भी समुचित विकास हो।।

सरस्वती शिशु/उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर के परीक्षा परिणामों की घोषणा
सरस्वती शिशु/उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर में विभिन्न कक्षाओं में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय का नाम रोशन किया।। कक्षा अरुण में भवन्या यादव ने 95.3% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। कक्षा उदय में प्रियांश बंजारे 97.3% के साथ प्रथम रहे। कक्षा प्रथम में दीक्षांश वर्मा 96.66%, कक्षा द्वितीय में प्रणव वर्मा 96.5%, कक्षा तृतीय में भव्या धर्मी 98.5%, कक्षा चतुर्थ में डीकेश्वर जंघेल 96%, कक्षा षष्ठम में रेणुका देशमुख 94.83%, कक्षा सप्तम में झरना साहू 87.66%, कक्षा नवम में भावना देशमुख 95.33% तथा कक्षा एकादश में श्वेता जंघेल 92.2% अंकों के साथ अपने-अपने वर्ग में प्रथम स्थान पर रहे।।
राज्य के बोर्ड परीक्षाओं में भी विद्यालय के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया
कक्षा दशम में भूमिका साहू ने 91.5% अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं कक्षा द्वादश में गौरी साहू ने 86.8% अंकों के साथ प्रथम स्थान हासिल किया।।
सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा मेडल पहनाकर एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।। इस अवसर पर अतिथियों ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है।। साथ ही, जो विद्यार्थी अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं कर सके, उन्हें निराश न होकर और अधिक मेहनत करने तथा अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया गया।।




