Friday, March 20, 2026

आद्या पांडे की 2026 की पहली प्रस्तुति भोरमदेव महोत्सव में, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चयनित भिलाई की प्रतिभाशाली बेटी आद्या पांडे ने वर्ष 2026 की अपनी पहली मंचीय प्रस्तुति कबीरधाम जिले के प्रसिद्ध भोरमदेव महोत्सव से की, जहाँ उनकी भरतनाट्यम प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

भोरमदेव महोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच आद्या पांडे की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की उनकी भावपूर्ण एवं मनमोहक प्रस्तुति ने हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कबीरधाम सहित अन्य जिलों एवं विभिन्न राज्यों से पहुंचे अतिथियों और कला प्रेमियों ने उनकी प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
महज 17 वर्ष की आयु में आद्या ने अपनी साधना, सशक्त अभिव्यक्ति और प्रभावशाली भाव-भंगिमाओं से मंच पर ऐसा वातावरण निर्मित किया कि पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उनकी प्रस्तुति ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई, बल्कि शास्त्रीय नृत्य की एक विशिष्ट पहचान भी स्थापित की।

इस अवसर पर कवर्धा के कलेक्टर माननीय गोपाल वर्मा जी ने आद्या की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए उन्हें मंच पर मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। डिप्टी कलेक्टर आर.बी. देवांगन जी ने भी उनका उत्साहवर्धन किया।
भोरमदेव महोत्सव में उनकी प्रस्तुति ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाएं राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी कला का परचम लहराने में सक्षम हैं। आद्या पांडे की यह प्रस्तुति महोत्सव की यादगार झलक बन गई, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

भिलाई के डी.पी.एस. रिसाली की कक्षा 11वीं की छात्रा आद्या पांडे कम उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुकी हैं। वे अब तक 27 राष्ट्रीय एवं एक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। हाल ही में उन्होंने CBSE बोर्ड परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त कर शैक्षणिक क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

उनकी प्रतिभा को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा चयनित कर उन्हें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उन्हें “नृत्य मंजरी”, “नृत्य प्रतिभा”, “नृत्य श्रेष्ठ” एवं “नृत्य गौरव सम्मान” जैसे कई प्रतिष्ठित अलंकरणों से नवाजा गया है।

नई दिल्ली में आयोजित National Inter DPS Dance Festival 2024 – Nrityanjali में उन्होंने अपने विद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए “Best Synchronised Performance Award 2024” भी हासिल किया। नृत्य के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा को और निखारते हुए उन्होंने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से भरतनाट्यम में डिप्लोमा प्राप्त किया है।

साथ ही, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत Centre for Cultural Resources and Training (CCRT) द्वारा वर्ष 2023 के लिए भरतनाट्यम में जूनियर स्कॉलरशिप हेतु उनका चयन किया गया है, जो आगामी आठ वर्षों तक प्रदान की जाएगी।
आद्या ने मात्र चार वर्ष की आयु से भरतनाट्यम की शिक्षा प्रारंभ की थी। वर्तमान में वे प्रसिद्ध नृत्य गुरु डॉ. जी. रतीश बाबू के मार्गदर्शन में “नृत्यति कलाक्षेत्रम” संस्था में नियमित साधना कर रही हैं।

वे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं विशेष रूप से कलेक्टर दुर्ग माननीय अभिजीत कुमार जी को देती हैं। उनके पिता दिनेश पांडे भिलाई इस्पात संयंत्र में विद्युत विभाग में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता सोनिया पांडे गृहिणी हैं।

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