विषम परिस्थितियाँ ही क्षमताओं को निखारती हैं : रवींद्र कुमार
दुर्ग/बालोद। भारत स्काउट एवं गाइड, छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में आयोजित जंबूरी गतिविधियों के अंतर्गत आज डिप्टी डिविजनल कमिश्नर, भारत स्काउट एवं गाइड, रायपुर डिविजन श्री रवींद्र कुमार ने दूधली (बालोद) स्थित जंबूरी स्थल का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) से भाग ले रहे छात्र-छात्राओं से आत्मीय संवाद किया, उनके क्रियाकलापों, कैंप व्यवस्था एवं अनुशासन का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों को उत्साहवर्धन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
डिप्टी डिविजनल कमिश्नर श्री रवींद्र कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियाँ ही व्यक्ति की वास्तविक क्षमताओं को विकसित करती हैं। स्काउट-गाइड गतिविधियाँ युवाओं में आत्मनिर्भरता, नेतृत्व, सहयोग और सेवा भाव को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने छात्रों को हर परिस्थिति में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और अपने कौशल को निरंतर निखारने के लिए प्रेरित किया।

जंबूरी में केंद्रीय विद्यालय संगठन, राज्य स्तर से कुल 71 छात्र-छात्राएँ एवं ऑफिशल्स सहभागिता कर रहे हैं, जो विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं स्काउट-गाइड आधारित गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। विद्यार्थियों ने अनुशासन, समर्पण एवं उत्साह के साथ जंबूरी कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। उल्लेखनीय है कि कल दुर्ग नगर की प्रथम नागरिक महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने भी जंबूरी गतिविधियों का निरीक्षण किया था। उन्होंने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली तथा आगे की यात्रा, प्रशिक्षण और स्काउट-गाइड जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उपयोगी सुझाव एवं प्रेरणादायक टिप्स प्रदान किए थे।
जंबूरी स्थल पर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह एवं अनुशासन का वातावरण देखने को मिला। इस प्रकार यह जंबूरी युवाओं के सर्वांगीण विकास, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा की भावना को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास सिद्ध हो रही है।
प्रशिक्षक एवं अधिकारी दल
जंबूरी के सफल संचालन में संजीव कुमार वर्मा (LT-S), अजय कुमार यादव (HWB), प्रभु शंकर (अधिकारी), अनुराग चौरसिया, डॉ. सतीश गोथारवाल, शिवराज सिंह राजपूत, तीज़राम चौहान (ADV-SM), दानीदास गिरिया, रविंदर पाल सेहमी (PRE ALT-G/ASOC-G), दीपा सराफ, कंचन गुप्ता, अमिता चौधरी, इंदु रानी खाखा, सोसन लकरा एवं नूपुर मिश्रा का सराहनीय योगदान रहा।




