Saturday, March 7, 2026

आमाबेड़ा कांकेर में हिंसा के बाद छत्तीसगढ़ बंद को व्यापक समर्थन, बंद रहा प्रदेश का बाजार

भिलाई। सर्व समाज की अपील पर छत्तीसगढ़ बंद का व्यापक असर देखने को मिला।

क्रिसमस से ठीक एक दिन पहले छत्तीसगढ़ में सर्व समाज द्वारा आहूत राज्यव्यापी बंद का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण के विरोध में बुलाए गए इस बंद के चलते राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में सुबह से ही बाजार, दुकानें और स्कूल नहीं खुले।

रायपुर ,राजनांदगांव, दुर्ग भिलाई, सहित अन्य शहरों में अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद नजर आए, वहीं निजी संस्थानों में भी कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि, अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एम्बुलेंस जैसी आपात सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है।

गौरतलब है कि

19 दिसंबर को कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर आदिवासी समाज और धर्मांतरित समुदाय के बीच विवाद हुआ, जो हिंसा में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए।

गुस्साए ग्रामीणों ने सरपंच के घर में तोड़फोड़ की और गांव के चर्च में आग लगा दी। इसके बाद करीब तीन हजार लोगों की भीड़ आमाबेड़ा पहुंची, जहां एक और चर्च को आग के हवाले कर दिया गया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान कई ग्रामीण, कुछ पत्रकार और ASP अंतागढ़ आशीष बंछोर समेत करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हुए।

शव दफनाने से शुरू हुआ विवाद

विवाद की जड़ गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम की मृत्यु के बाद उनका शव गांव में ही दफनाया जाना बताया जा रहा है। सरपंच परिवार के धर्म परिवर्तन को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। दो दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने भारी सुरक्षा के बीच शव को कब्र से बाहर निकलवाया।

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