रायपुर। लखनऊ में 19 से 29 दिसंबर 2025 तक आयोजित होने जा रही 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी के लिए छत्तीसगढ़, रायपुर संभाग के विभिन्न केन्द्रीय विद्यालयों से चयनित स्काउट एवं गाइड का दल आज उत्साहपूर्वक रवाना हुआ। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन भारतीय स्काउट एवं गाइड संगठन की वह महाअभिनव अधिवेशन श्रृंखला है जिसमें भारत के अलावा पड़ोसी देशों के दल भी भाग लेकर सांस्कृतिक एवं शिक्षण आदान प्रदान को सशक्त बनाते हैं।
इस जंबूरी में जीवन कौशल विकास, प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, सामुदायिक सेवा, नेतृत्व विकास, टीमवर्क, पायनियरिंग, नॉट्स एवं लेशिंग, एडवेंचर गतिविधियाँ, पर्यावरण संरक्षण, रात्रि शिविर एवं अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसी विविध गतिविधियों का संचालन किया जाएगा, जिनसे बच्चों का व्यक्तित्व निर्माण नई दिशा प्राप्त करेगा। रायपुर संभाग के केंद्रीय विद्यालयों का नेतृत्व डॉक्टर अजय आर्य एवं डॉ. मोना अली कर रहे हैं।
स्काउट एवं गाइड के इस दल में अनुग्रह बंजारें, मानवी सोनी, गरिमा वर्मा, ज्योति बांधे, आरुषि साह, साक्षी साहू, अनुष्का शर्मा, रिया ठाकुर, सुजल वर्मा, रिशभ वर्मा, ऋषभ चतुर्वेदी, शिवम राय, मोनिश लशेर, संभव प्रताप उपाध्याय, आदर्श कुमार और कृष्णकांत शामिल हैं, जो पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी दक्षता, अनुशासन और सेवा-भाव का प्रदर्शन करेंगे।

दल संचालक डॉ. अजय आर्य ने जानकारी देते हुए बताया-
राष्ट्रीय जंबूरी बच्चों में आत्मविश्वास, सेवा-भाव, साहस, संयम और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का सर्वोत्तम अवसर है। यह आयोजन केवल गतिविधियों का समूह नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला का अभ्यास है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी पूरे देश और पड़ोसी राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ सीखने, समझने और अनुभव साझा करने जा रहे हैं। सहायक आयुक्त रवींद्र कुमार एवं पीबीएस सुश्री उषा ने बच्चों को स्काउटिंग की मर्यादा का पालन करते हुए अनुशासन, सेवा और समर्पण के साथ जंबूरी में भाग लेने का निर्देश दिया और कहा कि स्काउट की असली पहचान- कर्तव्य, नियम और नीति के पालन में है।
स्थल निदेशक एवं प्रिंसिपल अशोक चंद्राकर तथा प्राचार्य उमाशंकर मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि जंबूरी विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा राष्ट्रीय मंच है, जहाँ वे अपने कौशल का प्रदर्शन करने के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक धरोहर और स्काउटिंग की परंपरा को गौरवान्वित करेंगे।
यह दल छत्तीसगढ़ एवं केंद्रीय विद्यालय संगठन का नाम राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने जा रहा है, और इससे प्रदेश के हजारों स्कूली बच्चों को स्काउटिंग के प्रति नई प्रेरणा मिलेगी।




