बच्चों की उपस्थिति और पढ़ाई में सुधार के साथ विद्यालय में लौटी रौनक
रायपुऱ, 13 अक्टूबर 2025: शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के तहत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना होने से विद्यालय में शिक्षण स्तर, अनुशासन और बच्चों की उपस्थिति तीनों में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। विकासखंड बिलाईगढ़ के शासकीय प्राथमिक शाला धौराभाठा (ब) में शिक्षा व्यवस्था अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित यह विद्यालय आज 03 शिक्षकों की मौजूदगी से नई ऊर्जा और उत्साह से भर गया है।विद्यालय में वर्तमान में अध्ययनरत बचचे नियमित रूप से स्कूल आ रहे हैं और पढ़ाई में गहरी रुचि दिखा रहे हैं। पहले शिक्षकों की कमी के कारण कक्षाओं का संचालन बाधित होता था, लेकिन अब शिक्षक बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान देकर पढ़ा रहे हैं, इससे विद्यार्थियों की समझने की क्षमता, प्रदर्शन और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

विद्यार्थी पढाई के साथ खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक ले रहे हैं भाग
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम धौराभाठा (ब) में के वरिष्ठ नागरिक सुरेश कंवर ने बताया कि पहले स्कूल में केवल एक शिक्षक होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और पालक भी स्कूल भेजने में रुचि नहीं लेते थे। अब तीन शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यालय में अनुशासन और शिक्षण का माहौल पूरी तरह बदल गया है।
वहीं ग्रामवासी दिलीप साहू ने कहा कि अब शिक्षक नियमित रूप से सभी विषयों की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। बच्चे न केवल पढ़ाई में बल्कि खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का वातावरण अब सकारात्मक और प्रेरणादायक बन गया है, जिससे गांव में शिक्षा के प्रति नई जागरूकता आई है।
युक्तियुक्तकरण नीति का यह असर धौराभाठा (ब) जैसे ग्रामीण विद्यालयों के लिए एक मिसाल बन गया है, जहां अब हर दिन बच्चों की हंसी और सीखने की चाह गूंज रही है।
अब की स्थिति (युक्तियुक्तकरण नीति के बाद):
- तीन शिक्षक पदस्थ हैं।
- हर विषय की नियमित कक्षाएं संचालित हो रही हैं।
- बच्चों को व्यक्तिगत ध्यान मिल रहा है।
- समझने की क्षमता, प्रदर्शन, और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि।
- खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी बच्चों की भागीदारी बढ़ी है।
- स्कूल का वातावरण सकारात्मक और प्रेरणादायक बना है।
ग्रामवासियों की प्रतिक्रिया:
- वरिष्ठ नागरिक सुरेश कंवर और दिलीप साहू ने इस परिवर्तन की सराहना की।
- बताया गया कि अब गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता आई है।
निष्कर्ष:
युक्तियुक्तकरण नीति के अंतर्गत शिक्षकों की प्रभावी नियुक्ति ने एक ग्रामीण स्कूल की शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। यह उदाहरण बताता है कि सही संसाधन और शिक्षकों की उपलब्धता




