मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में कुपोषण, शिक्षा और न्याय पर फोकस, 2029 तक हर केस सुप्रीम कोर्ट पहुंचाने का लक्ष्य
रायपुर: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बैठक से पहले ही पूरे बस्तर और देश के नक्सलमुक्त होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया और कहा कि यह क्षेत्र अब विवादमुक्त भी हो गया है।
सुरक्षाबलों की बहादुरी को दिया श्रेय
अमित शाह ने कहा कि भारत के नक्सलमुक्त होने का पूरा श्रेय सुरक्षाबलों के जवानों के परिश्रम और बहादुरी को जाता है। एजेंसियों ने सटीक इनपुट एकत्र किए और राज्यों की पुलिस व CAPFs के साथ मिलकर समयबद्ध कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि Whole of the Government Approach के साथ नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास पहुंचाया गया। लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है क्योंकि इन क्षेत्रों को विकास में देश के बाकी हिस्सों के समकक्ष लाना बाकी है।
4 राज्यों के सीएम रहे मौजूद
बैठक में छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय, मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी सहित केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने कहा कि मध्य क्षेत्र के राज्यों का आपस में और केंद्र के साथ कोई विवाद शेष नहीं है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।

क्षेत्रीय परिषद बैठकों में 3 गुना बढ़ोतरी
शाह ने बताया कि मोदी सरकार में क्षेत्रीय परिषद की बैठकें संवाद से समाधान का सशक्त मंच बनी हैं। 2004-14 में 11 बैठकें हुई थीं, जो 2014-26 में बढ़कर 32 हो गईं। चर्चित मुद्दे 569 से बढ़कर 1729 हो गए, जिनमें से 80% का निराकरण हो चुका है।
ये दिए निर्देश
- कुपोषण के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाएं
- स्कूल ड्रॉपआउट दर घटाएं, स्कूलों की गुणवत्ता सुधारें
- POCSO और बलात्कार के मामलों में शत-प्रतिशत दोषसिद्धि के लिए समय पर DNA जांच
- 5 साल से अधिक पुराने मामलों के लिए हाईकोर्ट विशेष अदालतें गठित करें
- चारों राज्य 1930 साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर को केंद्र के प्रारूप पर अपडेट करें
- मिलावटखोरी के दोषियों का प्रचार करें ताकि जनता को पता चले
- 2029 से पहले 3 साल में हर आपराधिक मुकदमे को सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाने का लक्ष्य
गृह मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन-2 पर फोकस कर हर घर नल से जल पहुंचाना है। हर 5 किलोमीटर में बैंक सुविधा जरूरी है क्योंकि सभी योजनाएं DBT आधारित हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड वाला यह मध्य क्षेत्र देश के अनाज भंडार भरने, खनिज से विकास और सांस्कृतिक विरासत में अहम है।