कोरबा में कियोस्क संचालक के खिलाफ 3000 पेज का अभियोग पत्र पेश
इंदिरा आवास की 79 लाख रुपये की राशि हड़पने का आरोप
रायपुर/कोरबा। गरीबों की इंदिरा आवास योजना की राशि गबन करने के मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने बड़ा खुलासा किया है। कोरबा के बैंक ऑफ इंडिया कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला के विरुद्ध आज माननीय विशेष न्यायाधीश, न्यायालय कोरबा में लगभग 3000 पेज का अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।
आरोपी गौरव शुक्ला, निवासी नंदबाग रूमगरा, कोरबा पर भारतीय दंड विधान की धारा 420, 421, 409, 120(बी) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7(सी), 13(1)(ए) के तहत प्रकरण दर्ज है। अपराध क्रमांक 20/2018 है।
ऐसे किया गबन
विवेचना में सामने आया कि आरोपी बैंक ऑफ इंडिया, शाखा कोरबा में कियोस्क संचालक था। उसने इंदिरा आवास योजना के हितग्राहियों के निष्क्रिय खातों को बैंक कर्मियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग कर सक्रिय कराया। इसके बाद हितग्राहियों के आधार कार्ड को अपने, अपने पिता, माता, पत्नी और पुत्र के आधार नंबरों से सीड कर दिया।
AEPS के माध्यम से आरोपी अपने बायोमेट्रिक से प्रमाणीकरण कर हितग्राहियों की राशि सीधे अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा।
वर्ष 2017 में बैंक के Finacle सॉफ्टवेयर की खामियों का फायदा उठाते हुए आरोपी ने बिना आधार लिंकिंग सत्यापन के ट्रांजेक्शन और ऑटो लॉगआउट न होने की कमी का इस्तेमाल किया। इसी दौरान 09 स्टाफ यूजर आईडी के जरिए 426 खातों में 620 प्रविष्टियां की गईं। अधिकांश प्रविष्टियां बिना भौतिक आधार सत्यापन के की गई थीं।
79 लाख का गबन
जांच में पाया गया कि वर्ष 2010-11 में कोरबा जिले के विभिन्न ग्रामों के लिए इंदिरा आवास योजना के तहत आई किश्त की राशि को वर्ष 2017 में आरोपी ने अपने खाते में स्थानांतरित कर लिया। कोरबा के दुर्गम ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले हितग्राहियों के भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने उनके हक के 79 लाख रुपये का गबन किया।
ईओडब्ल्यू/एसीबी ने साक्ष्य-सबूतों के आधार पर विशेष न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, कोरबा में अभियोग पत्र पेश कर दिया है।
