सुसाइड नोट में पत्नी का दर्द- ‘पति की बेवफाई ने तोड़ दिया’, 4 मौतों से दहला दुर्ग
दुर्ग: मोहन नगर थाना क्षेत्र के आर्य नगर में शुक्रवार की सुबह एक घर से चार अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरे मोहल्ले की आंखें नम हो गईं। एक दिन पहले तक चौपाटी पर आइसक्रीम खाते-हंसते दिखे इस परिवार ने रात में ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि सुनने वालों के रोंगटे खड़े हो गए।
पति-पत्नी ने पहले अपनी 13 साल की बेटी दृष्टि और 11 साल के बेटे यशांत को हमेशा के लिए सुला दिया, फिर दोनों ने अलग-अलग कमरों में फांसी लगाकर जान दे दी। घर में पसरा सन्नाटा सुबह तब टूटा जब बुजुर्ग मां ने कमरे का दरवाजा खोला। अंदर का मंजर देख उनकी चीख पूरे घर में गूंज गई।
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
मृतकों की पहचान गोविंद साहू (45), पत्नी चंचल साहू (40), बेटी दृष्टि और बेटे यशांत के रूप में हुई। पुलिस को मौके से चंचल का दो पेज का सुसाइड नोट मिला। नोट की हर लाइन में टूटे भरोसे और बिखरते रिश्ते का दर्द छलक रहा था।
चंचल ने लिखा- ‘शादी के कुछ साल बाद से ही इसने बेवफाई की हद पार कर दी थी। जगह-जगह मुंह मारता फिरता था। रोज-रोज के झगड़े से तंग आ चुकी थी।’ नोट में उसने यह भी लिखा कि ‘बच्चों को मैंने पैदा किया है, इसलिए साथ लेकर जा रही हूं’।

प्लानिंग से रची गई मौत की पटकथा
पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने से पहले परिवार तिरुपति बालाजी दर्शन करके लौटा था। गुरुवार शाम को पति-पत्नी बच्चों को चौपाटी घुमाने ले गए। वहां खुशी-खुशी आइसक्रीम खिलाई, लेमन सोडा पिलाया। पड़ोसियों ने बताया कि परिवार बेहद खुश नजर आ रहा था।
लेकिन घर लौटते ही कहानी बदल गई। एएसपी (सिटी) सुखनंदन राठौर के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि चंचल ने पहले बच्चों को नींद की दवा देकर सुलाया, फिर उनका गला घोंटा। बच्चों के गले पर रस्सी के निशान मिले हैं। इसके बाद पति-पत्नी ने अलग-अलग कमरों में फांसी लगा ली। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना के वक्त गोविंद भारी नशे में था।
एक मां का टूटा भरोसा ले गया चार जानें
पुलिस मान रही है कि चंचल कई दिनों से मानसिक तनाव में थी। पति के अवैध संबंधों और घरेलू विवाद ने उसे इस कदर तोड़ दिया कि उसने मौत को गले लगाना बेहतर समझा। लेकिन जाते-जाते वह अपने कलेजे के टुकड़ों को भी साथ ले गई।
एक ही झटके में पूरा परिवार खत्म हो गया। घर के बाहर जुटी भीड़ में हर आंख नम थी और हर जुबां पर एक ही सवाल- आखिर रिश्तों में इतनी कड़वाहट क्यों भर गई कि हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया? मोहन नगर थाने में मातम पसरा है और जांच जारी है।