पंचवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजना पर हुई विस्तृत चर्चा, प्रभावित ग्रामों के समग्र विकास पर जोर
खैरागढ़ : जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) अंतर्गत स्थानीय क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शासी परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने की। बैठक में खैरागढ़ विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा, सांसद प्रतिनिधि खम्मन ताम्रकार, जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।
बैठक में डीएमएफ अंतर्गत वर्ष 2026-2031 की पंचवर्षीय कार्ययोजना तथा वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्ययोजना के अनुमोदन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के कार्यालय एवं एजेंसियों के ऑडिट, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्रामों की सूची के अनुमोदन तथा वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के वार्षिक प्रतिवेदन पर भी चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।।

इस अवसर पर विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने कहा कि डीएमएफ निधि का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने जनभागीदारी, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों के क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।। उन्होंने स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता आधारित कार्यों को शामिल करने की बात कही।। कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने बताया कि कार्ययोजना तैयार करते समय स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, महिला एवं बाल विकास, कृषि, जल संरक्षण, स्वच्छता, कौशल विकास तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित ग्रामों के संतुलित विकास के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।। बैठक में सभी सदस्यों ने स्थानीय विकास को गति देने के लिए समन्वित प्रयासों पर सहमति व्यक्त की।।




