Saturday, March 7, 2026

बिना बारिश बना ‘तालाब’! 32 करोड़ का सुपेला अंडर ब्रिज सवालों में, मशीन बैठी या सिस्टम फेल?

भिलाई। बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी, फिर भी सुपेला अंडर ब्रिज पानी से लबालब। 32 करोड़ रुपये की लागत और लंबी निर्माण अवधि के बाद तैयार हुआ यह अंडर ब्रिज अब अपनी इंजीनियरिंग पर खुद ही सवाल खड़े कर रहा है। आखिर बिना बारिश के पानी आया कहां से?

रेलवे और निगम सूत्रों का दावा है कि अंडर ब्रिज के नीचे सोखता गड्ढा (संप वेल) बनाया गया है, जिसमें पानी जमा होता है और उसे बाहर निकालने के लिए मोटर पंप लगाया गया है। आशंका जताई जा रही है कि पानी खींचने वाली मशीन खराब हो गई, जिसके चलते पानी भरता चला गया और पूरा अंडर ब्रिज जलमग्न हो गया।

लेकिन सवाल यह है कि करोड़ों की लागत से बने इतने महत्वपूर्ण मार्ग में बैकअप सिस्टम क्यों नहीं था? यदि एक मशीन बंद होते ही अंडर ब्रिज तालाब बन जाए तो इसे तकनीकी चूक नहीं तो और क्या कहा जाए? रोजाना करीब एक लाख लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर इस तरह का जलभराव सीधे-सीधे सुरक्षा से खिलवाड़ है।

फिलहाल निगम अपनी सक्शन मशीन लगाकर पानी निकालने में जुटा है। लेकिन यह अस्थायी उपाय कब तक? क्या हर बार मशीन खराब होगी और बाद में पानी खींचा जाएगा?
स्थानीय लोगों में नाराजगी है कि बिना बारिश के ही जब यह हाल है, तो मानसून में क्या स्थिति होगी? 32 करोड़ की परियोजना का यह हाल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा रहा है। जनता जवाब चाहती है—जिम्मेदार कौन है? और ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई कब होगी? बीते रात से लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड रहा है…

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