आर्य समाज मंदिर सेक्टर-6 भिलाई में गुरुकुल कैलेंडर का गरिमामय समर्पण समारोह
भिलाई। आर्य समाज मंदिर, सेक्टर-6 भिलाई में गुरुकुल के नवीन कैलेंडर का विधिवत समर्पण समारोह वैदिक परंपरा, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य अंकित शास्त्री द्वारा वैदिक मंत्र पाठ एवं हवन के साथ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण पावन एवं प्रेरणादायी बन गया। समारोह में मुख्य वक्ता आचार्य डॉ अजय आचार्य ने अपने प्रभावशाली व्याख्यान में कहा कि ‘कैलेंडर केवल तारीखें बदलने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को दिशा देने का दर्पण है। जब तारीख बदलती है तो हमें सोच भी बदलनी चाहिए।’ अपने उद्बोधन को रोचक बनाते हुए आचार्य जी ने एक छोटी प्रेरक कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि ‘एक व्यक्ति हर साल नया कैलेंडर तो खरीदता था, लेकिन पुरानी आदतें संभाल कर रखता था। साल के अंत में वह शिकायत करता कि जीवन में कुछ नहीं बदला। सच यह है कि कैलेंडर बदलने से नहीं, संकल्प बदलने से जीवन बदलता है।’ व्याख्यान के दौरान उन्होंने हल्के व्यंग्य के साथ कहा कि ‘आज सबसे प्रचलित बीमारी है– समय की कमी। लेकिन मोबाइल में घंटों निकल जाते हैं। अगर वही समय स्वाध्याय, योग और संस्कारों को दे दिया जाए तो जीवन अपने आप संतुलित हो जाए।’इस कथन पर उपस्थित श्रोताओं में मुस्कान के साथ आत्ममंथन का भाव भी देखने को मिला।

आचार्य डॉक्टर आचार्य ने आगे कहा कि ‘गुरुकुल शिक्षा केवल विद्या नहीं देती, वह संस्कार देती है, चरित्र गढ़ती है और राष्ट्र निर्माण की नींव रखती है। गुरुकुल का यह कैलेंडर समाज को समय का सदुपयोग और वैदिक जीवन मूल्यों की याद दिलाने का सशक्त माध्यम है।’ इस अवसर पर अवनी भूषण पुरंग ने गुरुकुल परिवार एवं सभी उपस्थित जनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘गुरुकुल का यह प्रयास नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों से जोड़ने की दिशा में अत्यंत सराहनीय है।’ कार्यक्रम में आर्य समाज के पदाधिकारी, विद्वानजन, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने गुरुकुल के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन वैदिक शांति पाठ के साथ हुआ।




