गदा चौक से घड़ी चौक तक सफल कार्रवाई, लेकिन सुभाष चौक–नंदिनी रोड अब भी जाम का फसाद
दुर्ग/भिलाई। रविवार को सुपेला संडे बाजार में नगर निगम और पुलिस की सख्त कार्रवाई के बाद पूरा मार्ग खाली मिला। गदा चौक से घड़ी चौक तक स्थित सभी अतिक्रमण और दुकानों का पसरा हटाया गया, जिससे सड़कें पूरी तरह खुली नजर आईं। इस दौरान व्यापारियों का भी अपेक्षाकृत अच्छा सहयोग देखने को मिला, जिसके चलते कार्रवाई शांतिपूर्ण और प्रभावी रही।
सुपेला मुख्य मार्ग होने के कारण पूरे शहर की निगाहें इस सड़क पर रहती हैं। अतिक्रमण और सड़क तक फैला पसरा न केवल ट्रैफिक जाम बल्कि दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों को भी खुला निमंत्रण देता है। कार्रवाई के बाद यह साफ हो गया कि यदि प्रशासन ठान ले तो व्यवस्था सुधर सकती है।
लेकिन सवाल यहीं खत्म नहीं होता…
पावर हाउस: जहां नियम सिर्फ कागजों में हैं
ठीक ऐसी ही स्थिति भिलाई के पावर हाउस लिंक रोड की है—
सुभाष चौक से लिंक रोड होते हुए नंदिनी रोड तक का रास्ता, जो फल मंडी से भी जुड़ता है, आज खुद जाम की पहचान बन चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि यह रास्ता दिखता ही नहीं, सिर्फ भीड़, ठेले, दुकानें और अवैध कब्जे नजर आते हैं।
इस मार्ग पर भारी वाहनों के लिए नो-एंट्री घोषित है, लेकिन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बड़े वाहन, अव्यवस्थित व्यापार और सड़क पर पसरा सामान—
नतीजा यह कि लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं, एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं का निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
नगर निगम–यातायात विभाग से सीधा सवाल
सुपेला में कार्रवाई हो सकती है तो लिंक रोड पर चुप्पी क्यों?
क्या नियम सिर्फ चुनिंदा इलाकों के लिए हैं?
क्या सुभाष चौक–नंदिनी रोड के लोग जाम में घुटते रहने को मजबूर हैं?
प्रशासन से मांग
नगर निगम और यातायात विभाग को अब लिंक रोड को भी प्राथमिकता में लेकर
अतिक्रमण हटाने
नो-एंट्री नियम सख्ती से लागू करने
और रोज़ाना निगरानी व्यवस्था बनाने की जरूरत है।
सुपेला की तरह लिंक रोड भी खुले—यही शहर की असली जरूरत है।
वरना यह साफ है: नियम टूटेंगे, जाम बढ़ेगा और जिम्मेदारी फिर सिस्टम पर ही आएगी।




