बालोद। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) आज देश के लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक और सुरक्षित आशियाने का सपना साकार करने का माध्यम बन चुकी है। बालोद जिले के विकासखंड गुण्डरदेही अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहंदीपाठ के रहने वाले ओम प्रकाश साहू का जीवन भी इस योजना से बदल गया है।
ओम प्रकाश साहू 5 सदस्यीय परिवार के साथ वर्षों तक एक कच्चे मकान में जीवन यापन कर रहे थे , क्योंकि पूर्व में सड़क दुर्घटना में चोट लगने के कारण पारिवारिक व आर्थिक स्थिति खराब हो जाने से पक्की घर सिर्फ सपना बनकर रह गया था,बरसात आते ही हर साल छत और दीवारों की मरम्मत करनी पड़ती थी, लेकिन तेज बारिश में कच्चा घर ठहर नहीं पाता था।
वही अपनी परिवार में पत्नी साधना साहू के वर्षों पुराना सपना था कि वह अपने बच्चों के सिर पर पक्की छत दे सकें। उनका यह सपना तब साकार हुआ जब उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की सूची में आया। उन्होंने शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि का सदुपयोग करते हुए अपने सपनों का आशियाना तैयार कर लिया। आज उनका मकान न सिर्फ उनके परिवार को सुरक्षा और सम्मान दे रहा है, बल्कि वह गांव के अन्य लोगों के लिए एक मॉडल आवास बन गया है। वही आज आत्मसम्मान के साथ स्वरोजगार से बड़ी खुशी से अपने परिवार के साथ जीवन जी रहा है
उन्होंने बताया कि इस योजना ने न केवल उन्हें छत दी, बल्कि डर और असुरक्षा की जिंदगी से मुक्ति दिलाई। आज उनका पूरा परिवार सुरक्षित पक्के मकान में खुशी से जीवन यापन कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना और सरकार की जनकल्याणकारी सोच के प्रति आभार जताते हुए कहा, “हर किसी का सपना होता है एक पक्का घर, सरकार ने हमारे जैसे जरूरतमंदों का वह सपना पूरा की




