राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अवसर पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन विषय: ” मेरे आदर्श व्यक्तित्व “
छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, नील आर्मस्ट्रांग, नरेंद्र मोदी, मेरी कॉम, कमला हैरिस, एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महान व्यक्तित्व को लिखे पत्र
दुर्ग। राष्ट्रीय डाक सप्ताह (6 से 10 अक्टूबर 2025) के अंतर्गत पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में पत्र लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और अपने आदर्श व्यक्तित्व जैसे महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद, नील आर्मस्ट्रांग, नरेंद्र मोदी, मेरी कॉम, सचिन तेंदुलकर आदि को पत्र लिखकर अपनी भावनाएँ व्यक्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उमाशंकर मिश्र, प्राचार्य, पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग उपस्थित रहे एवं अध्यक्षता श्रीमती सीमा श्रीवास्तव, सहायक अधीक्षक, डाक विभाग, दुर्ग ने की। । कार्यक्रम का संचालन डॉ. अजय आर्य ने किया।
मुख्य अतिथि उमाशंकर मिश्र ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि पत्र लेखन केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि यह मन की गहराइयों से निकलने वाली भावनाओं का साहित्यिक अभिव्यक्तिकरण है। उन्होंने कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में यह विधा फिर से जीवित हो, यही इस प्रतियोगिता का उद्देश्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पत्र लेखन लेखन कौशल, विचार अभिव्यक्ति और संवेदनशीलता को विकसित करने का सर्वोत्तम माध्यम है।

अध्यक्ष सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय डाक विभाग देश के हर नागरिक को जोड़ने का माध्यम है। पत्र लेखन जैसी परंपरागत विधाओं के माध्यम से हम संवाद की उस आत्मीयता को पुनर्जीवित कर सकते हैं जो आज के युग में कहीं खोती जा रही है। उन्होंने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुए डाक विभाग द्वारा आयोजित अन्य प्रतियोगिताओं जैसे डाक टिकट डिज़ाइन, पोस्टकार्ड संदेश लेखन, बचत अभियान जागरूकता आदि की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी।
कार्यक्रम के संचालक डॉ. अजय आर्य ने अपने काव्यमय अंदाज़ में कहा –
“कभी किसी ख़त में छिपी मोहब्बत मिल जाती है,
कभी किसी पते पर पूरी ज़िंदगी ठहर जाती है।”
उन्होंने पत्र लेखन की ऐतिहासिक और प्रेरणादायी परंपरा पर प्रकाश डालते हुए स्वामी विवेकानंद पत्रावली, महात्मा गांधी के पत्र और स्वामी दयानंद के पत्रों के उल्लेख से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पत्र केवल संवाद नहीं बल्कि इतिहास के दस्तावेज़ हैं जो समाज और संस्कृति की आत्मा को संजोते हैं।
इस आयोजन ने विद्यार्थियों में न केवल रचनात्मकता और लेखन कौशल को प्रोत्साहित किया बल्कि उन्हें यह भी सिखाया कि शब्द जब भावनाओं से लिखे जाते हैं तो वे पत्र बनकर कालजयी हो जाते हैं। कार्यक्रम के आयोजन में सुरजीत मेहता विमल सोनी लोकेश कनौजे आदि लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ढाई आखर: पत्र लेखन प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए दुर्ग डाक संभाग के प्रवर अधीक्षक श्री बी.एल. जांगडे (IPOS) ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी|





