सीट शेयरिंग पर जारी मंथन के बीच कांग्रेस ने शुरू की चुनावी तैयारियों की बड़ी कवायद
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। एक ओर एनडीए और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मंथन जारी है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने चुनावी मैदान में अपनी तैयारियों को मजबूती देने के लिए वरिष्ठ नेताओं की तैनाती कर दी है।
कांग्रेस ने बिहार चुनाव के लिए तीन दिग्गज नेताओं — अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और अधीर रंजन चौधरी — को मुख्य चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इन तीनों नेताओं को पार्टी ने राज्य में संगठन की मजबूती, टिकट वितरण और रणनीतिक तालमेल पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी है।
दो पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
अशोक गहलोत (पूर्व मुख्यमंत्री, राजस्थान) और भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़) दोनों ही कांग्रेस के संगठनात्मक रूप से मजबूत और जमीनी नेता माने जाते हैं। इनके साथ लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी बिहार चुनाव की मॉनिटरिंग टीम में शामिल किया गया है।
42 जिलों में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त
कांग्रेस ने जिला स्तर पर भी अपनी चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए 42 जिलों में विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इन पर्यवेक्षकों को स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति, उम्मीदवार चयन और बूथ प्रबंधन पर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
चुनाव आयोग का बिहार दौरा जारी
इस बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी टीम के साथ बिहार के दौरे पर हैं और चुनाव तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। आयोग की टीम ने मतदाता सूची, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील बूथों की समीक्षा की है।
राजनीतिक हलचल तेज़
बिहार में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नज़दीक आ रही है, सत्ता और विपक्ष दोनों गठबंधनों में सीट बंटवारे पर बातचीत तेज़ हो गई है। कांग्रेस का यह कदम साफ संकेत देता है कि पार्टी इस बार संगठन स्तर पर कोई कोताही नहीं बरतना चाहती।





