165 महिलाओं से 49.50 लाख की धोखाधड़ी, धरमजयगढ़ पुलिस ने जांजगीर और खरसिया से दबोचा
रायगढ़। रायगढ़ पुलिस के “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत धरमजयगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फ्लोरा मैक्स चिटफंड कंपनी के जरिए 165 महिलाओं से 49.50 लाख रुपये की ठगी के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुई थी ठगी
बाल कुमारी राठिया, ग्राम चैनपुर ने 5 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी कि फ्लोरा मैक्स कंपनी के संचालकों ने स्व-रोजगार और बैंक लोन का झांसा देकर महिलाओं को जोड़ा। 10-10 महिलाओं का समूह बनाकर 165 महिलाओं से 30-30 हजार रुपये जमा कराए और बैंकों से लोन दिलवाया। धरमजयगढ़ में दुकानें खुलवाईं, लेकिन कारोबार पर कब्जा कर लिया। हर महिला को 2,700 रुपये महीना देने का वादा भी पूरा नहीं किया। महिलाओं पर बैंक कर्ज का बोझ बढ़ गया।
कंपनी के डायरेक्टर अखिलेश सिंह, राजू सिंह, गुड़िया देवी राजपूत, बलराम बंजारा, श्याम सिंह राजपूत और सहयोगियों ने चैनपुर, सिथरा, जबगा और जमाबीरा गांव की महिलाओं से करीब 49.50 लाख की धोखाधड़ी की। थाना धरमजयगढ़ में BNS और चिटफंड अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस ने पहले कंपनी की एजेंट मंजू चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके पास से स्कूटी, रसीदें, रजिस्टर और दस्तावेज जब्त हुए थे। डायरेक्टर अखिलेश सिंह, राजू सिंह और गुड़िया देवी कोरबा के मामले में पहले से जेल में हैं।
फरार आरोपी गिरफ्तार
ऑपरेशन क्लीन हंट के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने श्याम सिंह राजपूत (50), निवासी हथनेवरा, जिला जांजगीर-चांपा और बलराम बंजारा उर्फ बल्लू (36), निवासी तिलडेगा, जिला जशपुर को हिरासत में लिया। दोनों ने अपराध कबूल किया। इन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा, “निवेश और रोजगार के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोहों पर जीरो टॉलरेंस की नीति है। ऑपरेशन क्लीन हंट में आर्थिक अपराधों के फरार आरोपियों पर कार्रवाई जारी रहेगी।”
कार्रवाई में थाना प्रभारी राजेश जांगडे, एएसआई गंगाराम भगत, सुरेन्द्र वर्मा, राम संजीवन और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।




