Wednesday, April 22, 2026

एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों ने रिजल्ट पर जताई असंतुष्टि, रिचेकिंग की मांग को लेकर विश्वविद्यालय में सौंपा आवेदन

दुर्ग हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के अंतर्गत अध्ययनरत अथर्व महाविद्यालय, धनोरा के एमएसडब्ल्यू (MSW – मास्टर ऑफ सोशल वर्क) कोर्स के विद्यार्थियों ने अपने सेमेस्टर परीक्षा परिणाम को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को रिचेकिंग हेतु आवेदन सौंपा।

विद्यार्थियों ने बताया कि एमएसडब्ल्यू अंतिम वर्ष (चतुर्थ सेमेस्टर) तथा द्वितीय वर्ष (द्वितीय सेमेस्टर) के परिणाम में भारी विसंगतियां देखने को मिली हैं। छात्रों ने दावा किया कि उनके पहले के सेमेस्टरों – जैसे प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय – में अच्छे अंक प्राप्त हुए थे, लेकिन हाल ही में घोषित परिणाम में अपेक्षा से बहुत कम अंक मिले हैं, जबकि परीक्षा अच्छी गई थी। छात्रों ने इसे उनके भविष्य के साथ अन्याय और खिलवाड़ बताया है।

छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से विश्वविद्यालय के कुलसचिव के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसे उपकुलसचिव डॉ. राजमणि पटेल ने प्राप्त किया। ज्ञापन में सभी उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच (रिचेकिंग) की मांग की गई है। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गंभीरता से विचार नहीं किया तो वे न्यायालय का रुख करने को बाध्य होंगे।डॉ. राजमणि पटेल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “छात्र-छात्राओं की रिचेकिंग की मांग को हम विश्वविद्यालय की जांच समिति के समक्ष रखेंगे। यदि समिति रिचेकिंग को अनुमति देती है तो प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। अन्यथा केवल री-टोटलिंग (पुनर्गणना) ही की जाएगी, जिसकी व्यवस्था पहले से उपलब्ध है।”उल्लेखनीय है कि हर वर्ष सैकड़ों छात्र-छात्राएं एमएसडब्ल्यू पाठ्यक्रम से स्नातक होते हैं, और उनके लिए अंतिम वर्ष का परिणाम रोजगार एवं उच्च शिक्षा में प्रवेश हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस तरह की त्रुटियों से छात्र वर्ग में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

छात्रों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  1. सभी उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष रिचेकिंग की जाए।
  2. रिचेकिंग में विशेषज्ञों की पारदर्शी समिति नियुक्त की जाए।
  3. भविष्य में ऐसे परिणाम संबंधी विवाद न हों, इसके लिए मूल्यांकन प्रक्रिया में सुधार किया जाए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की मांगों पर क्या रुख अपनाता है। छात्र समुदाय, अभिभावक और संबंधित शिक्षकों की निगाहें विश्वविद्यालय की अगली कार्यवाही पर टिकी हैं।

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