पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस के साथ हुई घटना को बताया दुर्भाग्यपूर्ण, सरकार से मांगा जवाब
रायपुर: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंस को जनचौपाल में शामिल होने से रोकने की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक विधायक का नहीं, लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।
“जनचौपाल जनता का मंच, किसी दल की निजी सभा नहीं”
जारी बयान में देवेंद्र यादव ने कहा कि जनचौपाल जनता के संवाद का मंच होता है, न कि किसी एक दल की निजी सभा। विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों को मंच पर स्थान मिल सकता है तो विपक्ष के विधायक को रोकना किस मानसिकता को दर्शाता है।
“क्या अब दल देखकर तय होगा सम्मान”
देवेंद्र यादव ने कहा कि क्या जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों का सम्मान अब राजनीतिक दल देखकर तय होगा। छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है। लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध नहीं होता। जनता के अधिकारों की रक्षा करना जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है।
“ये जन चौपाल नहीं, पॉलिटिकल इवेंट”
उन्होंने कहा कि कल पामगढ़ विधानसभा के ग्राम कोसला में आयोजित जनचौपाल में जिस प्रकार विधायक शेषराज हरबंश को केवल राजनीतिक सोच के कारण रोकने और अपमानित करने का प्रयास किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ये जन चौपाल नहीं विष्णुदेव सरकार का अधिकारियों द्वारा आयोजित “पॉलिटिकल इवेंट” है।
देवेंद्र यादव ने पामगढ़ विधायक के समर्थन में मांग की कि पूरे मामले पर सरकार स्पष्ट जवाब दे और भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ ऐसा अपमानजनक व्यवहार न हो।
