राजनांदगांव पुलिस की साइबर एक्शन, “सांई ऐप” के जरिए चल रहा था करोड़ों का खेल
राजनांदगांव। ऑनलाइन सट्टे के बढ़ते नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने IPL सट्टा रैकेट के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है। नागपुर से पकड़ा गया आरोपी “सांई ऐप” के जरिए सट्टा ID बनाकर बेचता था और पिछले दो वर्षों से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था।
पुलिस के अनुसार आरोपी सादिक खान (34), निवासी मानकापुर, नागपुर, इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था। वह सट्टेबाजों को ID और पासवर्ड उपलब्ध कराने के बदले 5 हजार से 10 हजार रुपये तक वसूलता था। इतना ही नहीं, ऐप में तकनीकी खामी दूर करने के नाम पर भी 2 से 3 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से वसूलता था।
पहले भी हो चुका था बड़ा खुलासा
गौरतलब है कि 6 अप्रैल 2026 को मोहारा नाला क्षेत्र में संचालित हाईटेक सट्टा रैकेट का खुलासा करते हुए पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से लैपटॉप, मोबाइल, नगदी और सट्टा सामग्री सहित करीब 5.50 लाख रुपये की जब्ती की गई थी। उसी प्रकरण में सादिक खान फरार चल रहा था, जिसे अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नागपुर से धर दबोचा गया।

तकनीकी जांच से खुली परतें
पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन और साइबर इनपुट के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। इसके बाद विशेष टीम नागपुर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर राजनांदगांव लाई। पूछताछ में आरोपी ने सट्टा नेटवर्क संचालित करने और ID बेचने की बात स्वीकार की है। उसके कब्जे से एप्पल कंपनी का मोबाइल भी जब्त किया गया है।
कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई
मामले में थाना बसंतपुर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के साथ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
साइबर सेल की सटीक रणनीति
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। साइबर सेल और बसंतपुर थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस हाईटेक सट्टा गिरोह की कमर तोड़ दी है।
ऑनलाइन सट्टा: बढ़ता खतरा, सख्त कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि IPL जैसे आयोजनों के दौरान ऑनलाइन सट्टा तेजी से फैलता है। ऐसे नेटवर्क पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आने वाले दिनों में और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।