भिलाई। शहर के सुपेला स्थित गुरुद्वारा में मंगलवार को एक भावनात्मक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण आयोजन हुआ। जानकारी के अनुसार, पहले सिख धर्म से ईसाई धर्म अपनाने वाले दो परिवार अब पुनः सिख पंथ में शामिल हो गए है। कुल 8 सदस्य आज दोपहर 1 बजे गुरुद्वारा सुपेला में आयोजित कार्यक्रम में “घर वापसी” किया।
युथ सिख सेवा समिति भिलाई के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह को सौंपे गए आवेदन में मनजीत सिंह ने उल्लेख किया है था कि वे सिख गुरुओं की शिक्षाओं, मानव सेवा की भावना और गुरु परंपरा से प्रभावित होकर पुनः सिख धर्म अपनाना चाहते हैं। आवेदन में उन्होंने सिख मर्यादाओं और सिद्धांतों का पूर्ण श्रद्धा के साथ पालन करने का संकल्प भी व्यक्त किया है।

समिति से जुड़े सदस्यों के अनुसार, यह कार्यक्रम धार्मिक रीति-रिवाजों के तहत सम्पन्न हुआ ।जिसमें अरदास, गुरुवाणी पाठ और संगत की उपस्थिति में औपचारिक रूप से परिवारों को सिख पंथ में पुनः शामिल गया।
समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि यह आयोजन किसी दबाव या विवाद का विषय नहीं, बल्कि व्यक्तिगत आस्था और स्वेच्छा से लिया गया निर्णय है। वहीं सिख समाज के लोगों से अपील की गई थी कि वे अधिक से अधिक संख्या में गुरुद्वारा सुपेला पहुंचकर संगत का हिस्सा बनें और परिवारों का स्वागत करें। परिणाम स्वरुप सिख समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
धार्मिक आस्था और पहचान से जुड़ा यह घटनाक्रम भिलाई में चर्चा का विषय बना हुआ है। समाज के वरिष्ठजनों का मानना है कि “घर वापसी” केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विश्वास, परंपरा और सामुदायिक जुड़ाव का प्रतीक है।
अब देखना यह होगा कि यह आयोजन किस तरह सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से नया संदेश देता है।