दुर्ग मनरेगा योजना का नाम बदलने पर भड़के कांग्रेसी

मनरेगा में ग्रामीणों को रोजगार देने की भाजपा सरकार की नियत में खोट – राकेश ठाकुर

भिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम की मजदूरों को रोजगार देने की महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी का नाम बदलकर जी राम जी योजना करने पर दुर्ग में भड़के कांग्रेसी और गांधी प्रतिमा दुर्ग पर इकट्ठा होकर मनरेगा का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से ही रखने की मांग की और रघुपति राघव राजाराम, नरेंद्र मोदी की सद्बुद्धि दे भगवान का भजन गाया । जिसमें दुर्ग जिले के कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता व प्रतिनिधि सभी ने इसे गलत बताया है, इसकी कड़ी भर्तसना की।

दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा यह सरकार जब से आई है केंद्र और राज्य में या नहीं चाहती कि ग्रामीणों की आर्थिक व्यवस्था सुधारे मनरेगा में रोजगार देने की भाजपा की नियत में खोट है। पूर्व में भूपेश बघेल की सरकार में 45 लाख कार्य दिवस मनरेगा में होते थे जिसमें कटौती कर प्रथम वर्ष में 32 लाख कारदास किया गया और इस वर्ष 16 लाख कार्य दिवस कर दिया गया केंद्र सरकार मनरेगा में पहले 80 और 20 के आधार पर केन्द्र सरकार 80% राशि देती थी अब केंद्र सरकार 60% राशि दे रही है राज्य सरकार पर 40% का बोझ डाल दी जबकि राज्य सरकार के पास फंड की कमी है । मनरेगा का नाम जी राम जी करना केंद्र की सरकार राजनीति में सरकार के कार्यों में धर्म का और राम जी के नाम का इस्तेमाल कर रही है राम के भक्ति सिर्फ यह नहीं है देश के सारे हिंदू और हम भी राम भक्त हैं यह सिर्फ राम नाम का उपयोग और लाभ लेने वाली सरकार है।

पूर्व विधायक अरुण बोरा ने कहा कि जब से यह सरकार आई है पिछले 11 वर्षों से इन्होंने बस कांग्रेस की योजनाओं का नाम बदलने का और कांग्रेस की योजनाओं की झूठी वह हवाई लेने का कार्य किया है यह सरकार ना तो ग्रामीणों के प्रति ईमानदार है ना किसानों के प्रति नहीं आम आदमी के प्रति ईमानदार महात्मा गांधी जी का स्वप्न था कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदूर हो और लोगों को रोजगार मुहैया हो उसके लिए केंद्र की कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी की योजना शुरू की जिससे हमेशा गांव वालों को ग्रामीणों को फायदा हुआ ।
दुर्ग शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बकरीवाल ने कहा मनरेगा का नाम बदलना एक केवल ग्रामीणों के रोजगार को खत्म करने की साजिश नहीं बल्कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी जी का भी बहुत बड़ा अपमान है । भाजपा सरकार चाहती है कि यह योजना बंद हो जाए पूर्व में मनरेगा के लिए सरपंच व सचिव कार्य योजना बनाकर केंद्र सरकार को देते थे तो कार्य बजट मिलता था अब केंद्र से ही कार्य और बजट मंजूर होने पर विसंगति हो जाएगी कहां काम होना है यह ग्रामीण ही जानते हैं ना कि दिल्ली में बैठे अधिकारी।

आज आज के धरना प्रदर्शन के कार्यक्रम में आर एन वर्मा , दीपक दुबे लक्ष्मण चंद्राकर अल्ताफ अहमद दानेस्वर साहू, उषा सोने, रिवेंद्र यादव, अजय मिश्रा, राजकुमार पाली , प्रवक्ता नासिर खोखर, सुशील भारद्वाज, संजय कोहले, प्रेमलता साहू, संदीप वोरा , संजू धनकर ,कैलाश नाहटा, कमलेश साहू, संतोष बाफना, निकिता मिलिंद , राकेश हिरवानी, रतना नरमदेव श्रीकांत वर्मा, उमेश साहू, पालेश्वर ठाकुर, हितेश निर्मलकर, विनोद सेन, आयुष शर्मा चिराग शर्मा यश बाकलीवाल गौरव उमरे, त्रिशरण डोंगरे निक्की सिंह , सहित अन्य दुर्ग ग्रामीण व दुर्ग शहर के कांग्रेसी उपस्थित रहे।

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