न्यायिक अवसंरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: आवासीय क्वार्टरों का वर्चुअल भूमिपूजन, पुस्तक विमोचन एवं “न्याय मित्र” ऐप का शुभारंभ…..

दुर्ग। जिला दुर्ग में न्यायिक अवसंरचना एवं वैकल्पिक विवाद समाधान को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत आज वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग तथा प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग के आवासीय क्वार्टर के निर्माण हेतु वर्चुअल माध्यम से भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया गया।
साथ ही, इस गरिमामय कार्यक्रम में “समाधान और सद्भाव की यात्रा” (90 दिवसीय मीडिएशन ड्राइव – “Mediation for the Nation”) विषयक पुस्तक का विमोचन तथा न्यायिक सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल एवं सुलभ रूप से पहुँचाने हेतु “Nyay Mitra” मोबाइल एप्लिकेशन का वर्चुअल शुभारंभ भी किया गया।
उक्त कार्यक्रम न्यायाधिपति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर द्वारा वर्चुअल माध्यम से संपन्न किया गया। कार्यक्रम की गरिमा माननीय न्यायाधिपति संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर तथा माननीय न्यायाधिपति पार्थ प्रतीम साहू, न्यायाधीश, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर एवं पोर्टफोलियो जज, जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़ की गरिमामयी वर्चुअल उपस्थिति से और अधिक बढ़ी।

माननीय न्यायाधिपति रमेश सिन्हा, मुख्य न्यायाधिपति, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर ने इस अवसर पर अपने संदेश में कहा कि - न्यायिक अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण किसी भी प्रभावी एवं उत्तरदायी न्याय प्रणाली की आधारशिला है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय, दुर्ग के लिए आवासीय क्वार्टरों का निर्माण न्यायिक अधिकारियों को आवश्यक सुविधा प्रदान करेगा, जिससे वे अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक समर्पण एवं दक्षता के साथ कर सकेंगे। वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली, विशेषकर मीडिएशन, भारत के मुख्य न्यायाधिपति का विजन एवं आज के समय की आवश्यकता है। "Mediation for the Nation" के अंतर्गत संचालित 90 दिवसीय मेडिएशन ड्राइव समाज में संवाद, समाधान एवं सद्भाव को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। इस अभियान पर आधारित पुस्तक "समाधान और सद्भाव की यात्रा" न केवल इस प्रयासों का दस्तावेज है, बल्कि भविष्य में मीडिएशन के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शक भी सिद्ध होगी।

उन्होंने न्याय मित्र मोबाइल एप्लिकेशन के शुभारंभ को आम नागरिकों के लिए न्याय तक सरल, त्वरित एवं सुलभ पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। यह एप्लिकेशन विधिक जानकारी, सहायता एवं मार्गदर्शन प्रदान कर डिजिटल माध्यम से न्यायिक सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में सहायक होगा।
अंत में मुख्य न्यायाधिपति महोदय ने सभी संबंधित विभागों, न्यायिक अधिकारियों, विधिक सेवा प्राधिकरण एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को इस सफल एवं बहुआयामी कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रकार की पहलें छत्तीसगढ़ की न्याय प्रणाली को और अधिक सशक्त, संवेदनशील एवं जनोन्मुखी बनाएंगी।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारीगण, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारीगण, जिला अधिवक्ता संघ के अधिवक्तागण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, लोक निर्माण विभाग के अधिकारीगण, संबंधित विभागों के प्रतिनिधि एवं मीडिया के प्रतिनिधिगण से उपस्थित रहे। संपूर्ण समारोह गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Exit mobile version