दक्षिण अफ्रीका में अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण
66 किग्रा वर्ग में 452.5 किग्रा वजन उठाकर लहराया तिरंगा
भिलाई। छत्तीसगढ़ के माटी पुत्र और होनहार पावरलिफ्टर जयदीप साहू ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में आयोजित एशियन, पैसिफिक एवं अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 66 किलोग्राम सीनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
प्रतियोगिता में जयदीप ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ 452.5 किलोग्राम का कुल वजन उठाया। उनका प्रदर्शन इस प्रकार रहा:
- स्क्वाट: 180 किलोग्राम
- बेंच प्रेस: 102.5 किलोग्राम
- डेडलिफ्ट: 170 किलोग्राम
- कुल: 452.5 किलोग्राम
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर तिरंगा लहराते हुए जयदीप ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे भारत को गौरवान्वित किया।

टीम के अन्य खिलाड़ियों से भी पदक की उम्मीद
टीम के कोच कृष्णा साहू ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि आगामी मुकाबलों में 93 किलोग्राम वर्ग में प्रियंक मिश्रा और 120 किलोग्राम वर्ग में अमान शुक्ला से भी पदक की पूरी उम्मीद है।
4 से 12 जुलाई तक चल रही इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में फिलहाल इक्विप्ड वर्ग की स्पर्धाएं हो रही हैं। 8 जुलाई से क्लासिक यानी अन-इक्विप्ड प्रतियोगिता शुरू होगी। इसमें जयदीप साहू, प्रियंक मिश्रा और अमान शुक्ला तीनों खिलाड़ी फिर अपनी चुनौती पेश करेंगे। खिलाड़ियों के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे एक बार फिर पदक जीतने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

संगठन और मंत्री ने दी बधाई
छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग संगठन के अध्यक्ष कैलाश जैन बरमेचा ने इस ऐतिहासिक सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पांडे कैबिनेट मंत्री दर्जा के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है। उनके प्रोत्साहन की वजह से ही जयदीप अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का आत्मविश्वास जुटा सके।
अध्यक्ष कैलाश जैन बरमेचा और कोच कृष्णा साहू ने दूरभाष पर श्री राकेश पांडे का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मंत्री जी का आत्मीय सहयोग और हर कदम पर साथ खड़े रहने का भाव खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
छत्तीसगढ़ पावरलिफ्टिंग संगठन और प्रदेशभर के पावरलिफ्टर अब तीनों खिलाड़ियों के क्लासिक वर्ग में प्रदर्शन का इंतजार कर रहे हैं। संगठन ने कहा कि यदि तीनों खिलाड़ी पदक जीतकर लौटते हैं तो उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।




