Saturday, January 17, 2026

एमएमसी जोन सीसी मेंबर रामधेर सहित 12 ईनामी नक्सलियो ने किया आत्मसमर्पण

आत्मसमर्पित नक्सलियो पर एमएमसी (म.प्र. महाराष्ट्र-छ.ग.) में कुल 02 करोड़ 95 लाख रूपये का ईनाम घोषित है

शासन की ‘‘आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति’’ से प्रभावित होकर किया आत्मसमर्पण

राजनांदगांव। राजनांदगांव रेंज में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक ऐतिहासिक सफलता प्राप्त हुई है। समाज के प्रमुख व्यक्तियों, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़ अरूण देव गौतम (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद (भापुसे), पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज अभिषेक शांडिल्य (भापुसे), उप महानिरीक्षक (नक्सल आपरेशन) आईटीबीपी अनवर ईलाही एवं रेंज के सभी पुलिस अधीक्षकों की उपस्थिति में एमएमसी जोन अंतर्गत सक्रिय प्रतिबंधित संगठन ब्च्प् ;डंवपेजद्ध के ब्ब्ड सदस्य रामधेर उर्फ होरूपु उर्फ अमरजीत उर्फ देउ मज्जी सहित 12 शस्त्रधारी माओवादी हथियार सहित आज पुनवर्वास हेतु समाज के मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर तथा नक्सलियों के खोखली विचारधारा, उनके शोषण, अत्याचार, हिंसा से तंग आकर सी.पी.आई. माओवादी संगठन एमएमसी जोन के शीर्ष माओवादियों ने पुनर्वास हेतु अपने साथियों के साथ समाज के मुख्य धारा में जुडे़।

‘‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’’ के तहत् मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों की जानकारीः-

  1. रामधेर उर्फ होरूपु उर्फ अमरजीत उर्फ देउ मज्जी पिता दोबा मज्जी उम्र 53 साल सीसीएम एमएमसी जोन,गढ़चिरौली, महाराष्ट्र
    ईनाम- 01 करोड़ 05 लाख (एमएमसी जोन)
  2. चंदू उर्फ नरेष उर्फ चैतराम उर्फ देवचन्द पिता वकरी उम्र 55 साल डीवीसीएम टाण्डा-मलाजखण्ड एरिया कमेटी सचिव/एलओएस कमांडर
    ईनाम- 33 लाख रूपये।
  3. अनीता उर्फ ललीता उर्फ जैनी पति रामधेर उम्र 35 साल,ग्राम मड़ीन्दापल्ली तहसील बामरगढ़,गढ़चिरौली, महाराष्ट्र डीवीसीएम टाण्डा-मलाजखण्ड एरिया कमेटी
    ईनाम- 33 लाख रूपये।
  4. प्रेम उर्फ उमराव पिता धनीराम उम्र 32 साल,ग्राम डबरी तहसील कोरची थाना बेड़गॉव गढ़चिरौली, महाराष्ट्र डीवीसीएम टाण्डा-मलाजखण्ड एरिया कमेटी
    ईनाम- 33 लाख रूपये।
  5. जानकी उर्फ प्रेमा उर्फ लिमी पति नागेष उम्र 35 साल, ग्राम मड़ीन्दापल्ली तहसील बामरगढ़ डीवीसीएम टाण्डा-मलाजखण्ड एरिया कमेटी
    ईनाम- 33 लाख रूपये।
  6. रामसिंग उर्फ सम्पत उर्फ संजय पिता ज्ञानसिंग उम्र 55 साल, ग्राम राशिमेटा तहसील बैहर थाना रूपझर,बालाघाट., मध्यप्रदेष
    एसीएम- 14 लाख।
  7. सुकेष उर्फ रंगा पिता सन्नू उम्र 28 साल ग्राम पुसनार थाना गंगालूर,बीजापुर, छत्तीसगढ़
    एसीएम- 14 लाख।
  8. शीला उर्फ वैसंती उर्फ सेवंती पति विक्रम उम्र 29 साल ग्राम दोरनागुडा तहसील अट्टापल्ली थाना कसनसूर गढ़चिरौली, महाराष्ट्र
    पीएम- 06 लाख
  9. लक्ष्मी उर्फ मनिता पति सुकेष उम्र 21 साल, ग्राम पुस्कर तहसील भैरमगढ़ थाना गंगालूर
    पीएम- 06 लाख
  10. योगिता उर्फ लक्ष्क्षी पति सागर उम्र 22 साल, ग्राम बड़े बट्टू थाना बासेगुढा बीजापुर, छत्तीसगढ़
    पीएम- 06 लाख
  11. सागर उर्फ रैनू पिता वंजा उम्र 22 साल ग्राम बोगदेव तहसील ओरछा थाना कुकराझोर नारायणपुर, छत्तीसगढ़
    पीएम- 06 लाख
  12. कविता उर्फ मासे पिता उन्गा उम्र 21 साल,ग्राम कोन्डेसवेल थाना जगरगुण्डा, सुकमा, छत्तीसगढ़
    पीएम- 06 लाख।

आत्मसमर्पित माओवादियों ने कुल-10 हथियार के साथ वापसी।

■ A-K-47 -03
■SLR & 01
■INSAS – 03
■303 Rifle – 02
■30 Corbon _01

राजनांदगांव रेंज पुलिस द्वारा नक्सल विरोधी अभियान लगातार संचालित किये जा रहे है एवं समय -समय पर सुरक्षा बलो द्वारा नक्सल प्रभावित ग्रामों में सिविक एक्षन/सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम चलाया जाकर शासन की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 से प्रदाय सुविधाएं व लाभ की जानकारी बैनर/ पोस्टर/ पाम्पलेट आदि के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है। जिसके परिणाम स्वरूप 12 नक्सलियों ने आगे बढ़कर शासन के आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025 का लाभ लेने हेतु आत्मसमर्पण किया है।

शासन की नीति और सुरक्षा बलों के प्रयासों का परिणाम

सुरक्षा बलों के निरंतर अभियान, ग्रामीण अंचलों में चलाए जा रहे विकास कार्यों, सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार, पानी-बिजली-नेटवर्क की उपलब्धता, तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों में बढ़ते विश्वास और सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जनसंपर्क व संवाद कार्यक्रमों का यह प्रत्यक्ष परिणाम है। इन प्रयासों से प्रेरित होकर नक्सलियों ने हथियार छोड़कर शांति का रास्ता चुना है और 12 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।

शांति और विकास की ओर कदम

छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों की प्रभावी रणनीति, विकास कार्यों और सामुदायिक पुलिसिंग के परिणामस्वरूप नक्सलियों ने हिंसा का मार्ग त्यागते हुए समाज में सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने की मंशा से आत्मसमर्पण किया है। यह कदम इस क्षेत्र में शांति स्थापना और नक्सल उन्मूलन अभियान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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