नुआ खाई पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपरा का सम्मान करने का अवसर प्रदान करता हैं…विधायक ललित चंद्राकर
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पुरैना शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में उत्कल गाड़ा समाज द्वारा आयोजित नुआखाई जुहार भेंट उत्सव के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्ग ग्रामीण विधायक व राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर सम्मिलित हुआ। इस अवसर पर उन्होंने सभी उत्कल समाज के गणमान्य जनों को प्रणाम कर नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, महापौर रिसाली निगम शशि सिन्हा, सभापति केशव बंछोर, सनिर साहू, शुभम वर्मा, पार्वती महानंद, एम. लक्ष्मण राव, डी. साई, मोहन बघेल, रतन सोना, बी श्रीनिवास, डी बालाजी, पी मधु, परमानंद सहित समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि नुआखाई का पर्व हमें नई फसल के लिए आभार व्यक्त करने और समाज के साथ जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सभी को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व हमें समाज की एकता और सौहार्द की भावना को मजबूत करने का अवसर देता है। उत्कल गाड़ा समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नुआखाई के पावन पर्व को मनाना और समाज के बीच एकता और सौहार्द की भावना को बढ़ावा देना था।
विधायक ललित चंद्राकर ने आयोजकों को इस कार्यक्रम के लिए बधाई दी और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और सौहार्द की भावना बढ़ती है।आगे चंद्राकर ने बताया कि नुआखाई ओड़िशा का प्रमुख लोक-पर्व है, जो पश्चिम ओड़िशा के सीमावर्ती छत्तीसगढ़ में भी मनाया जाता है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी के दिन मनाया जाता है और इसका शाब्दिक अर्थ है “नया खाना”। उन्होंने कहा कि नुआखाई के अवसर पर लोग एक-दूसरे के घर आते-जाते हैं और “नुआखाई जुहार” और “भेंट जुहार” कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।यह पर्व हमें अपनी संस्कृति और परंपरा का सम्मान करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि नुआखाई के अवसर पर हम अपनी एकता और समरसता का संदेश पूरे क्षेत्र में फैलाते हैं और अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
