महिला कैदी ने किया आत्महत्या का प्रयास : प्रताड़ना और अभद्रता के लगाए गंभीर आरोप, रायपुर सेंट्रल जेल में मचा हड़कंप

रायपुर केंद्रीय जेल में बंद महिला कैदी आशिमा राव ने कथित प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया।

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के केंद्रीय जेल से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिसने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली और महिला कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला प्रकोष्ठ में बंद एक महिला कैदी द्वारा आत्महत्या का प्रयास किए जाने की घटना ने हड़कंप मचा दिया है। बताया जा रहा है कि, प्रताड़ना और अपमान से आहत होकर महिला ने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।

कलाई काटने के साथ-साथ गला काटने की भी कोशिश
मिली जानकारी के अनुसार, महिला कैदी आशिमा राव, जो पिछले करीब छह महीनों से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद है, ने अपने हाथ की कलाई काटने के साथ-साथ गला काटने की भी कोशिश की। गंभीर हालत में उसे तत्काल उपचार के लिए ले जाया गया, जहां उसे आठ टांके लगाए गए। यह घटना करीब पांच दिन पहले की है, लेकिन इसकी जानकारी गुरुवार को सामने आई।

जेल में चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना का आरोप
महिला कैदी ने अपने परिजनों को एक चिट्ठी लिखकर जेल के भीतर चेकिंग के नाम पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। पत्र में उसने बताया कि उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, निजी अंगों को छुआ गया और अन्य कैदियों के सामने उसे अपमानित किया गया। सबसे गंभीर बात यह बताई जा रही है कि यह कथित कृत्य एक महिला अधिकारी द्वारा किया गया।

परिजन ने विरोध जताते हुए की न्याय की मांग
बताया जा रहा है कि, इसी मानसिक प्रताड़ना और अपमान से परेशान होकर महिला ने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश की। घटना की जानकारी सामने आते ही शुक्रवार को परिजन बड़ी संख्या में केंद्रीय जेल के बाहर पहुंचे और विरोध जताते हुए न्याय की मांग की।

मारपीट के मामले में आशिमा रावजेल में बंद
गौरतलब है कि, आशिमा राव एक मारपीट के मामले में पिछले छह महीने से जेल में बंद है। इस घटना ने एक बार फिर रायपुर केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था, महिला कैदियों के सम्मान और जेल प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, परिजन और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

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