Thursday, March 5, 2026

हर देशमें तू हर वेश में तू तेरे नाम अनेक तू एक ही है

सर्व धर्म प्रार्थना के साथ स्काउट शिविर का समापन

मोबाइल छोड़ो – कौशल सीखो – प्रकृति से जुड़ो – स्काउट गतिविधियों ने बच्चों में जाग्रत की अनुशासन और एकता की भावना

दुर्ग। पीएम केंद्रीय विद्यालय दुर्ग में प्रवेश प्रथम और द्वितीय सोपान के विद्यार्थियों के लिए आयोजित स्काउट प्रशिक्षण शिविर आज उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर का आरंभ सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ जिसमें प्राचार्य उमाशंकर मिश्र, डॉ अजय आर्य, आशुतोष सिंह, सतीश धीवर, नरेश सिंगरौल, टकेश्वर साहू, राजेश कुमार, गीता माली और डॉ राखी श्रीवास्तव उपस्थित हुए। ईसाई प्रार्थना अजीत केरकेट्टा, मुस्लिम प्रार्थना अलीशा तथा हिंदू प्रार्थना अक्षत आर्यांश द्वारा प्रस्तुत की गईं। यह प्रार्थना सत्र स्काउट की मूल भावना – सभी धर्मों का सम्मान और मानवता की एकता – का उदाहरण बना।

डॉ अजय आर्य ने प्राचार्य उमाशंकर मिश्र को स्कार्फ पहनाकर स्वागत किया। प्राचार्य मिश्र ने सर्वधर्म प्रार्थना की महत्ता बताते हुए कहा कि यह प्रार्थना बच्चों को यह सीख देती है कि सत्य, अहिंसा, प्रेम और करुणा सभी धर्मों के मूल तत्व हैं। उन्होंने प्रार्थना की पंक्तियों – ‘हर देश भी तू हर वेश में तू तेरे नाम अनेक तू एक ही है ‘ का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसी प्रार्थनाएँ विद्यार्थियों को विनम्रता, सहिष्णुता और वैश्विक भाईचारे की दिशा में प्रेरित करती हैं।

नरेश सिंगरौल, टकेश्वर साहू, आशुतोष सिंह और सतीश धीवर द्वारा स्काउट की महत्वपूर्ण गांठों का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों को रीफ नॉट – वस्तुओं को बाँधने और सुरक्षित रखने में उपयोगी, क्लोव हिच – डंडों पर रस्सी को मजबूती से पकड़ाने वाली गांठ, और शीट बेंड – दो रस्सियों को जोड़ने के लिए अत्यंत आवश्यक गांठ के बारे में बताया गया। प्रशिक्षकों ने समझाया कि ये गांठें न केवल स्काउटिंग में बल्कि आपदा प्रबंधन, कैंपिंग और दैनिक जीवन में भी उपयोगी होती हैं। सतविंदर कौर एवं रचना पाल नेवी शिविर के आयोजन में सहयोग किया।

शिविर के दौरान प्राचार्य उमाशंकर मिश्र ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को मोबाइल और गैजेट्स की अनावश्यक आदत से दूर रखें और उन्हें वास्तविक जीवन की गतिविधियों से जोड़ें। उन्होंने कहा कि बच्चे जब प्रकृति, खेल और समूह कार्यों से जुड़ते हैं तो उनका व्यक्तित्व मजबूत और स्वस्थ बनता है। स्काउट का आंदोलन व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाता है।
मुख्य संयोजक डॉ अजय आर्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिदिन दोस्तों से मिलना, संवाद करना और खेलकूद में समय देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट की अधिकता बच्चों में रचनात्मकता को समाप्त कर देती है जबकि स्काउट की गतिविधियाँ उन्हें आत्मनिर्भर, साहसी और मानवता से जोड़ने का कार्य करती हैं।
स्काउट शिविर को प्रयोग महत्व का बनाते हुए प्राचार्य महोदय के निर्देशानुसार बच्चों को कुछ समय का ब्रेक खेलने के लिए भी दिया गया। इसमें बच्चों खो – खो, छू छुआल, कौवा उड़ जैसे खेल खेल कर बच्चे आनंदित हुए।

कार्यक्रम के अंत में स्काउट और गाइड विद्यार्थियों ने पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली। रैली में – ‘पेड़ लगाओ – धरती बचाओ’ और ‘स्वच्छ हवा सबका अधिकार – आओ करें प्रकृति से प्यार’ जैसे नारे लगाए गए। यह रैली विद्यार्थियों के पर्यावरणीय दायित्व और सामाजिक चेतना की एक सुंदर मिसाल बनी।
स्काउट प्रशिक्षण शिविर का समापन कम्युनिटी लंच के साथ हुआ, जिसने सभी में सामूहिकता, सहयोग और बंधुत्व का संदेश मजबूत किया। पूरे आयोजन में अनुशासन, सेवा-भाव और स्काउटिंग की मूल भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को विद्यालय की ओर से रिफ्रेशमेंट प्रदान किया गया।

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