रोहिणी आचार्य के अपमान पर साधु यादव फट पड़े

साधु यादव ने साफ कहा— “रोहिणी आचार्य घर की बड़ी बेटी है। उनका पूरा अधिकार है। उसे गाली देना, चप्पल दिखाना, घर से निकालना बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह परिवार का मसला है, और पार्टी हमारा खून-पसीना है। किसी बाहरी को पार्टी में गुंडागर्दी नहीं करने देंगे।”

उन्होंने आरोप लगाया कि RJD में कुछ “घुसे हुए बाहरी लोग” परिवार को तोड़ने और पार्टी को बर्बाद करने में लगे हैं।


‘पहले तेज प्रताप को निकाला, अब रोहिणी को… ये साजिश है’

साधु यादव ने यह भी कहा—
“पहले बड़े बेटे तेज प्रताप को घर से बाहर किया गया… अब रोहिणी को। ये सब किसके इशारे पर हो रहा है? यह परिवार को तोड़ने की चाल है। जो इसमें शामिल है, वह कोई भी हो, छोड़ा नहीं जाएगा।”


तेजस्वी का रवैया आग में घी— साधु यादव ने खोली पोल

तेजस्वी यादव पर हमला करते हुए कहा—

“तेजस्वी में अहंकार भर गया है। पार्टी में खून-पसीना किसी और का है, और हुकूमत चलाने आए हैं ये लोग!”

“डिप्टी सीएम रहते हुए भी पार्टी की दुर्दशा कर दी। भाषण में कट्टा-गोली, रंगदारी, नचनिया… यह RJD की परंपरा नहीं है।”

“लालू यादव ने मेहनत से पार्टी बनाई, और ये लोग उसे बेचने पर तुले हैं।”


हार की वजह पर साधु यादव की सीधी बात

उन्होंने स्पष्ट कहा:

“चुनाव प्रचार में शालीनता होनी चाहिए थी… पर यहां भड़काऊ भाषण दिए गए, घर से उठाने, गोली चलाने तक की बातें हुईं। यही RJD की हार की सबसे बड़ी वजह है।”


‘तेजस्वी को लीडर बनाना अब सही नहीं’

साधु यादव बोले—

“तेजस्वी को कोई भी बड़ी जिम्मेदारी देना अब ठीक नहीं। पार्टी को नए नेतृत्व की जरूरत है। तेजस्वी के आसपास जो लोग मंडरा रहे हैं, पद छिनेगा तो गायब हो जाएंगे।”


बाहरी लोगों को निकालो – साधु यादव की खुली चेतावनी

उन्होंने RJD नेताओं से आग्रह किया—

“मैं मंडल और सीनियर नेताओं से कहूंगा कि यह मामला संज्ञान में लें। तेजस्वी से छुटकारा पाने का समय आ गया है। पार्टी को बदनाम करने वालों को बाहर फेंको।”

यह कहते हुए साधु यादव ने जोर दिया—

“अगर पार्टी कोई नहीं संभाल सकता, तो छोड़कर चले जाएं। परिवार भी छोड़कर चले जाएं। RJD किसी की जागीर नहीं है।”


लालू यादव से करेंगे बात – दोषी नहीं बचेगा

अंत में उन्होंने कहा—

“लालू जी से बात करेंगे। जो दोषी है उसे नहीं छोड़ा जाएगा। पार्टी को बचाना है, परिवार को बचाना है। यह लालू-साधु यादव की बनाई पार्टी है, इसे कोई बेच नहीं सकता।”


निष्कर्ष

RJD के भीतर शुरू हुआ यह खुला संग्राम तेजस्वी यादव की नेतृत्व क्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। रोहिणी आचार्य का मामला और तेजस्वी पर साधु यादव का सीधा हमला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बवंडर खड़ा कर सकता है।

यह सियासी आग अभी और भड़केगी— यह तय है।

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