खैरागढ़ : विधानसभा में प्रस्तुत राज्य बजट को लेकर विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।। उन्होंने कहा कि बजट में नए जिलों के लिए प्रावधान किए गए हैं,लेकिन प्रदेश के सभी नए जिले के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।। साथ ही केसीजी जिले को भी अछुता छोड़ दिया गया है ।। विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा ने आरोप लगाया कि यह बजट केवल लोकलुभावन घोषणाओं तक सीमित है।।
पिछले वर्ष घोषित योजनाओं का लगभग 50 प्रतिशत कार्य स्वीकृत नहीं हो पाया फिर भी नई घोषणाएं कर जनता को गुमराह किया जा रहा है।। यशोदा वर्मा ने कहा कि प्रदेश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और सिंचाई विस्तार के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय नहीं किए गए।। उन्होंने कहा गांवों की आर्थिक रीढ़ मजबूत किए बिना विकास का दावा खोखला है।। विधायक यशोदा वर्मा ने कांग्रेस सरकार की गौठान योजना का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना गोवंश संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण रोजगार का मजबूत माध्यम बनी थी।। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने योजना बंद कर दी और बजट में गौठान या उसके विकल्प का उल्लेख तक नहीं है जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है।। हजारों शासकीय पद रिक्त, भर्ती की कोई स्पष्ट योजना नहीं, डी.एड. एवं बी.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के लिए कोई प्रावधान नहीं, राजधानी में महीनों से प्रदर्शन के बावजूद समाधान नहीं यशोदा वर्मा ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और अधोसंरचना की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज विस्तार के नाम पर सीमित राशि रखी गई है, जबकि वास्तविक लागत कहीं अधिक है।। जिला अस्पतालों में डॉक्टरों और संसाधनों की कमी है तथा ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।रोजगार सृजन की स्पष्ट रूपरेखा का अभाव, संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चुप्पी, रसोइया संघ की मांगों पर निर्णय नहीं ₹500 में सिलेंडर योजना का उल्लेख नहीं विधायक ने कहा कि जब तक गांव, किसान, युवा, महिला और कर्मचारी वर्ग को केंद्र में रखकर ठोस निर्णय नहीं लिए जाएंगे, तब तक विकास के दावे कागजों तक ही सीमित रहेंगे।। अंत में विधायक यशोदा नीलाम्बर वर्मा ने कहा कि बजट का आकार बढ़ा देना विकास का प्रमाण नहीं होता।। असली कसौटी यह है कि प्राथमिकताएं किसके हित में तय की गई हैं।। उन्होंने इसे असंतुलित और जमीनी जरूरतों से कटा हुआ बजट करार दिया।।
