भिलाई। छत्तीसगढ़ का औद्योगिक शहर भिलाई एक बार फिर देह व्यापार के गढ़ के रूप में सुर्खियों में है। स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे पर पुलिस की छापेमारी और गिरफ्तारियों का सिलसिला जारी है, मगर यह व्यापार रुकने का नाम नहीं ले रहा। शुक्रवार को सुपेला थाना चौकी स्मृतिनगर पुलिस ने जूनवानी क्षेत्र में स्थित लोरेंज़ो स्पा और ली वेलनेस स्पा में दबिश देकर देह व्यापार के संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

स्पा की आड़ में देह व्यापार — पुलिस ने किया भंडाफोड़
दिनांक 24 अक्टूबर 2025 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि स्मृतिनगर जूनवानी क्षेत्र में स्थित दोनों स्पा सेंटरों में मसाज और ब्यूटी ट्रीटमेंट के नाम पर महिलाओं से देह व्यापार करवाया जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (IUCAW) पद्मश्री तंवर के निर्देशन में, उप पुलिस अधीक्षक (IUCAW) के नेतृत्व में महिला थाना और स्मृतिनगर पुलिस टीम गठित की गई। टीम ने पॉइंटर नियुक्त कर छापामार कार्रवाई की।
पुलिस ने मौके पर ली वेलनेस स्पा के संचालक धनेश्वर सेन और लोरेंज़ो स्पा के मैनेजर पवन पांडे को उपस्थित पाया। दोनों स्पा में तलाशी के दौरान पुलिस को महिलाओं को रखकर ग्राहकों से देह व्यापार कराया जाना स्पष्ट रूप से मिला।
मौके से कंडोम, मोबाइल फोन, ग्राहकों के रजिस्टर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
ग्राहक रंगे हाथों पकड़े गए
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों स्पा के अलग-अलग कमरों से चार ग्राहकों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा —
गौरव कोठारी पिता किशोरी लाल कोठारी (36 वर्ष, नेहरू नगर)
रचित दास पिता लेट प्रदीप कुमार दास (30 वर्ष, प्रगति नगर)
संतोष कुमार पिता लक्ष्मण प्रसाद (38 वर्ष, सुपेला)
अब्बास अली पिता हुकुम मियाँ (43 वर्ष, सुपेला)
वहीं स्पा सेंटरों के संचालक और मैनेजर —
धनेश्वर सेन पिता कृष्ण सेन (33 वर्ष, सुपेला)
पवन पांडे पिता राज पांडेय (40 वर्ष, भिलाई-3)
को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सभी छह आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 की धारा 3, 4, 5, 7 के तहत अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया।
भिलाई में नहीं थम रहा देह व्यापार का कारोबार
भिलाई शहर में बीते कुछ वर्षों से स्पा सेंटरों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। इन केंद्रों में से कई जगह मसाज पार्लर के नाम पर देह व्यापार के ठिकाने बन चुके हैं।
कई बार पुलिस कार्रवाई के बाद भी यह नेटवर्क दोबारा सिर उठाता दिख रहा है। इससे पहले भी भिलाई, नेहरू नगर, सुपेला और जुनवानी क्षेत्र में ऐसे ही मामलों में छापे पड़ चुके हैं।
कुछ माह पूर्व थाईलैंड की एक युवती की संदिग्ध मौत ने भी इस पूरे नेटवर्क की भयावह सच्चाई उजागर की थी, जिसमें विदेशी युवतियों को स्पा सेंटरों में नौकरी के बहाने बुलाकर गलत कामों में धकेला जाता है।
समाज के लिए गंभीर संकेत
इस तरह की घटनाएँ न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि समाज के नैतिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रही हैं।
स्पा और सैलून संस्कृति, जो मूल रूप से स्वास्थ्य और सौंदर्य से जुड़ी सेवा के रूप में शुरू हुई थी, अब कुछ लालची संचालकों के कारण वेश्यावृत्ति के अड्डों में तब्दील होती जा रही है।
ऐसे कारोबारों से —
युवाओं में गलत प्रवृत्तियाँ पनप रही हैं,
महिलाओं की अस्मिता और गरिमा पर आघात पहुँच रहा है,
और शहर की सामाजिक छवि धूमिल हो रही है।
सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी, रजिस्ट्रेशन की सख्ती और निरंतर कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले वर्षों में भिलाई जैसे विकसित शहरों की छवि “देह व्यापार के अड्डे” के रूप में बन सकती है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक भारती मरकाम, उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु, सहायक उप निरीक्षक संगीता मिश्रा और महिला थाना की टीम का विशेष योगदान रहा।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि दोनों स्पा सेंटरों के पीछे संचालित अन्य नेटवर्क और संभावित लिंक की भी जांच की जा रही है।
भिलाई को बचाने के लिए जरूरी है जागरूकता
पुलिस की कार्रवाई निस्संदेह सराहनीय है, लेकिन जब तक समाज स्वयं ऐसे कारोबारों का बहिष्कार नहीं करेगा, तब तक यह सिलसिला थमना मुश्किल है।
प्रशासन को चाहिए कि ऐसे सभी स्पा सेंटरों की नियमित जांच हो, उनकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पारदर्शी बनाई जाए और जो भी जगहें इस अवैध गतिविधि में लिप्त हैं, उनका लाइसेंस रद्द कर दिया जाए।