डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम की सख्त निगरानी में प्रशासन अलर्ट, 24 घंटे सक्रिय टीमों ने बढ़ाई चुनावी पारदर्शिता की रफ़्तार
संदीप सिंह,बिहार। बिहार विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम के नेतृत्व में आचार संहिता पालन और चुनावी खर्च पर निगरानी के लिए जबरदस्त तैयारी की गई है।
अब तक 11 करोड़ 43 लाख रुपये से अधिक की नकदी, कीमती धातु, शराब, मादक पदार्थ और अन्य वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं। यह कार्रवाई प्रशासन की पारदर्शिता और सख्ती का स्पष्ट संकेत है।
“100 मिनट में कार्रवाई” — जनता को मिला भरोसेमंद सिस्टम
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदर्श आचार संहिता उल्लंघन या चुनावी खर्च गड़बड़ी की शिकायतों पर 100 मिनट के भीतर कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए 24 घंटे चालू कंट्रोल रूम के नंबर —
📞 0612-2999688, 2999693, 2999694
जारी किए गए हैं, जहां आमजन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
जांच के लिए 14 लेखा दल फील्ड में सक्रिय हैं, जो हर शिकायत पर तुरंत रिपोर्ट भेजते हैं।
हर दिशा में प्रशासन की नज़र
डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया कि निर्वाचन व्यय लेखा एवं निगरानी कोषांग सातों दिन 24 घंटे काम कर रहा है।
करीब 20 प्रवर्तन एजेंसियां पैसों के ऑनलाइन और ऑफलाइन ट्रांजैक्शन पर सख्ती से नजर रख रही हैं।
प्रशासन ने राज्यभर में निगरानी के लिए बड़ी तैनाती की है —
- 78 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें
- 183 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (61 स्थानों पर)
- 44 वीडियो सर्विलांस टीम
- 44 वीडियो व्यूइंग टीम
- 34 जिला बॉर्डर चेक पोस्ट
- 8 मल्टी-एजेंसी इंटर-डिस्ट्रिक्ट चेक पोस्ट
- इनका काम है — हर गाड़ी, हर पोस्टर और हर लेनदेन पर सटीक निगरानी।
उल्लंघन पर तुरंत एक्शन — 16 मामलों में एफआईआर
अब तक 16 मामलों में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन और संपत्ति विरूपण के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।
डीएम ने कहा है कि “चुनाव में किसी भी प्रकार का डर या दबाव नहीं चलेगा — कानून सब पर समान है।”
प्रत्याशियों में मचा हड़कंप
लगातार जब्ती और छापेमारी से कई प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं।
प्रवर्तन एजेंसियों की टीमें नकदी, शराब, और उपहार सामग्री पर नज़र रखे हुए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कुछ क्षेत्रों में अचानक जांच से कई चुनावी गाड़ियाँ पकड़ी गईं।
खबर आलोक का विश्लेषण
जिला प्रशासन की यह सख्ती बिहार में चुनावी पारदर्शिता का नया मानक तय कर रही है।
इतनी तेज़ और संगठित निगरानी शायद पहली बार दिख रही है।
अगर इसी तरह कार्रवाई जारी रही, तो इस बार का चुनाव वाकई “भयमुक्त, निष्पक्ष और ऐतिहासिक” कहलाएगा।
(खबर आलोक – रिपोर्टर संदीप सिंह)
