आचार्य डॉ. अजय आर्य और दिव्या देशपांडे दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में करेंगे शोधपत्र वाचन
40 देशों के आर्य प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं…प्रधानमंत्री करेंगे संबोधित
भिलाई। आर्य समाज भिलाई में आज महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती का निर्वाण दिवस वैदिक विधि और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ हवन यज्ञ से हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उपस्थित जनों ने सत्य, अहिंसा और वेदज्ञान के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
आचार्य डॉ. अजय आर्य ने अपने प्रवचन में कहा कि ‘महर्षि दयानंद ने भारतीय समाज को अंधविश्वासों से मुक्त कर वैदिक ज्ञान के प्रकाश से प्रकाशित किया। जो लोग स्वामी दयानंद को सिर्फ तर्क से जानना चाहते हैं वे लोग चूक जाते हैं। महर्षि दयानंद प्रेम और करुणा के अनुपम मूर्तिमान रूप है। उन्होंने विधवा विवाह सती प्रथा बाल विवाह आदि के संबंध में अपने जो विचार रखें उसके पीछे उनका करुण ह्रदय ही था।उनका जीवन सत्य, स्वाध्याय और राष्ट्रोत्थान का प्रतीक है। आज जब मानवता पुनः मार्ग की खोज में है, तब दयानंद दर्शन ही आत्मजागरण का दीप है।’ ऋषि दयानंद को याद करके आज हम सबको अपने भीतर एक दीप जलाने का संकल्प लेना चाहिए। महर्षि दयानंद सरस्वती ने राष्ट्र निर्माण में अनुपम भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में प्रवीण गुप्ता, अंकित आर्य, सरपाल जी, रवि आर्य, कमलेश आर्य, मधु गुप्ता, प्रमिला सरपाल, अरुण आर्य, धर्मपाल खंडूजा, शिपी आर्य और शालिनी गुप्ता सहित अनेक आर्य अनुयायी उपस्थित रहे। सभा का संचालन प्रवीण गुप्ता ने किया और आभार प्रदर्शन मधु गुप्ता ने किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ से आचार्य डॉ. अजय आर्य और दिव्या देशपांडे अपने विचार रखेंगे
महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती और आर्य समाज की स्थापना के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 अक्टूबर से 3 नवम्बर तक दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस विराट आयोजन में भारत सहित 40 देशों से आर्य प्रतिनिधि भाग लेंगे। छत्तीसगढ़ से 1000 से अधिक आर्य अनुयायी इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि भिलाई के आचार्य डॉ. अजय आर्य को अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में ‘स्वर्णिम भारत के नवनिर्माण में ऋषि परंपरा का योगदान’ विषय पर शोधपत्र वाचन हेतु आमंत्रित किया गया है। उनके साथ दिव्या देशपांडे भी इस संगोष्ठी में शोधपत्र वाचन करेंगी। आचार्य डॉ. अजय आर्य आर्य महासम्मेलन में आयोजित विविध कार्यक्रमों जैसे वैदिक युवा संगोष्ठी, धर्माचार्य बैठक, आर्य लेखक परिषद का सम्मेलन तथा गुरुकुल आचार्य जनों के विचार संमेलन में भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
आचार्य डॉ. अजय आर्य ने कहा- यह केवल मेरा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की वैदिक संस्कृति और आर्य समाज का सम्मान है। महर्षि दयानंद का दर्शन भारत के नवजागरण की आत्मा है, जो ज्ञान, सत्य और कर्म के संतुलन से समाज को दिशा देता है।” आर्य समाज के प्रधान अवनी भूषण पुरंग ने बताया कि 31 अक्टूबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतरराष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर आर्य समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।
आचार्य डॉ. अजय आर्य 28 अक्टूबर को दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जहाँ वे वैदिक संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण पर आधारित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भाग लेंगे।