वाहन ठगी मामले में त्वरित कार्रवाई: 48 घंटे में बरामद हुए वाहन, एसपी से मिलकर जताया आभार

दुर्ग। थाना मोहन नगर क्षेत्र में वाहन किराये के नाम पर ठगी के मामले में दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को बड़ी राहत मिली है। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश सचिव अय्यूब खान एवं वाहन मालिकों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इस सराहनीय कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया।

शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
अय्यूब खान ने बताया कि 27 मार्च को लिखित आवेदन देकर शिकायत की गई थी कि कुछ लोग ऑफिस खोलकर वाहन मालिकों से कार किराये पर लेकर उन्हें अन्य स्थानों पर गिरवी रख दे रहे हैं। लंबे समय तक वाहन वापस नहीं किए जा रहे थे और न ही किराया दिया जा रहा था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह मामला पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखा गया।

48 घंटे में बड़ी कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला क्राइम ब्रांच, नगर पुलिस अधीक्षक एवं थाना मोहन नगर की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे के भीतर ठगी का खुलासा कर दिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी “माँ लक्ष्मी टूर एंड ट्रेवल्स” के नाम से वाहन किराये पर लेते थे, लेकिन न तो किराया देते थे और न ही वाहन लौटाते थे। उल्टा, वाहनों को अन्य व्यक्तियों के पास गिरवी रख दिया जाता था।

दो आरोपी गिरफ्तार, 10 वाहन जब्त
पुलिस ने इस मामले में—
अमित कुमार सिंह (28 वर्ष), निवासी चारभाटा, जिला राजनांदगांव
वरुण सलामे (25 वर्ष), निवासी डोंगरगढ़
को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे एवं उनके द्वारा गिरवी रखे गए स्थानों से 09 चार पहिया वाहन और 01 मोटरसाइकिल कुल 10 वाहन बरामद किए गए।
बरामद प्रमुख वाहन
स्कार्पियो, अर्टिगा, थार, स्विफ्ट, टाटा पंच, वरना, बलेनो सहित अन्य वाहन विभिन्न स्थानों से वापस लाए गए।
आर्थिक लाभ के लिए रची ठगी की साजिश
पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध तरीके से वाहन लेकर भुगतान नहीं करते थे और उन्हें गिरवी रखकर रकम हासिल करते थे।
एसपी से मिलकर जताया आभार
कार्रवाई के बाद अय्यूब खान, अधिवक्ता वर्षा देवांगन, देवेंद्र देवांगन, किसान लाल साहू, सुमेर सिंह पाल, अजय वारी, राहुल निषाद, अफरान खान सहित अन्य वाहन मालिकों ने पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल से मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित किया।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन किराये पर देने से पहले संबंधित व्यक्ति या संस्था का सत्यापन अवश्य करें और बिना वैधानिक दस्तावेज के वाहन न दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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