सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा में शामिल हुए खैरागढ़ के साहित्यकार और जनप्रतिनिधि

खैरागढ़: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ और मंदिर के जीर्णोद्धार के 1000 वर्ष पूर्ण होने पर सोमनाथ के कायाकल्प और गौरव को नया आयाम मिला है ।। ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है।।इस ऐतिहासिक विरासत को एक नई पहचान मिली है,जिसके तहत देश के अलग-अलग राज्यों से दर्शनार्थी भारत सरकार के केन्द्रीय पर्यटन, सांस्कृतिक एवं धर्मस्व विभाग द्वारा दर्शन करने पहुँच रहे हैं।। इसी तारतम्य में 22 से 26 जून तक छत्तीसगढ़ के जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस तीर्थ का लाभ उठाया।।

सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा में साहित्यकार और कलाकारों ने द्वादश ज्योतिर्लिंग में से प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ की इस यात्रा हेतु नर्मदा, डोंगेश्वर महादेव, आमनेर और मुस्का नदी के पवित्र जल के साथ ही रुक्खड़ स्वामी, शिव मंदिर, घटियारी और देउर मंदिर गंडई की मिट्टी अर्पित करके जिले का मान बढ़ाते हुए अपनी उपस्थिति दी।। इस यात्रा को छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।।

जिला खैरागढ़-छुई खदान-गंडई से जाने वालों में साहित्यकार डॉ पीसीलाल यादव, डॉ सियाराम साहू, डॉ पद्‌मा साहू, राजकुमार मसखरे, बोधन चन्देल, धर्मेंद्र जंघेल, दूज राम साहू और विशिष्ट जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, घम्मन साहू, सांसद प्रतिनिधि भागवत शरण सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष लखन साहू, मंडल अध्यक्ष गोरेलाल वर्मा, देविन कोठले पार्षद, विष्णु साहू, मुकेश, नीरज साहू, शरद महाराज, हर्ष वर्मा एवं जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी के रूप में समाज कल्याण विभाग द्वारा कमलेश पटेल सहित कुल 21 विशिष्ट जन सम्मिलित हुए।। इस यात्रा के दौरान सोमनाथ मंदिर परिसर पर छत्तीसगढ़ के विभिन्न कलाकारों, साहित्यकारों के द्वारा अपनी अपनी प्रस्तुति दी गई।। छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों ने सोमनाथ पर अपना प्रतिनिधित्व किया।। यह यात्रा बहुत ही सुखद और कल्याणकारी रहा।। इस यात्रा के लिए साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ राज्य और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।।

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